जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अधिकारियों से सांठगांठ कर सरकारी जमीन की जमीन की अवैध खरीद फरोख्त करने वाले भूमाफियाओं पर बुधवार को कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह की सख्ती का चाबुक चला है। ऐसे मामले जिनमें पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी भूमाफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन बजाय ऐक्शन के कार्रवाई की फाइलें दबवा दी गयीं।
ऐसे तीन मामलों में एसडीएम सदर को तत्काल कार्रवाई तथा कृत कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश जारी किए हैं। जिन मामलों की शिकायत कमिश्नर तक पहुंची है उनमें गढ़ रोड स्थित वैशाली कालोनी में नजूल भूमि को अवैध तरीके से विक्रय किए जाने तथा कसेरू बक्सर में मेरठ विकास प्राधिकरण की अधिग्रहित भूमि पर अवैध तरीके से कालोनी विकसित कर उसको विक्रय किए जाने व गढ़ रोड पर भट्ठा खदान की भूमि को अवैध रूप से विक्रय किए कर दिए जाने के प्रकरण शामिल हैं।
कमिश्नर को अवगत कराया गया है कि नरेश कुमार अग्रवाल ने 23 अगस्त 2017 को इस मामले की शिकायत की थी। जिसमें तत्कालीन अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने जांच कर सभी पक्षों को सुनने व राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर अपनी विस्तृत जांच आख्या पांच मई 2018 को जिलाधिकारी को भेज दी थी।
जिलाधिकारी ने जांच को सही पाते हुए खसरा संख्या 329, 330 एवं 331 ग्राम औरंगशाहपुर डिग्गी परगना तहसील स्थित राजकीय भूमि को भूमाफियाओं से खाली कराने की संस्तुति की थी। इस मामले में अपनी ओर से कार्रवाई न करते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी ने पत्रावली मंडलायुक्त को प्रेषित कर दी थी।
बाद में यह मामला किन्हीं कारणों के चलते दबा दिया गया। कमिश्नर को यह भी बताया गया कि उक्त संपत्ति दिल्ली की कंपनी नाडिया ग्रुप को विक्रय कर दी गयी और उक्त कंपनी ग्राम औरंगशाहपुर डिग्गी में खसरा संख्या 329 , 330 व 331 तथा दो अन्य खसरा नंबरों भट्ठा खुदान राजकीय भूमि पर दिन रात कार्य कर कालोनी विकसित करा रही है। कमिश्नर ने इस संबंध में एसडीएम सदर को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेशित किया है।

