- आईएएस मृदुल चौधरी ने की पत्रकारों से बातचीत संभागीय खाद्य अफसरों की ली मीटिंग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गेहूं की कटाई शुरू हो गई है। ऐसे में घोषित किए गए एमएसपी के अनुसार ही किसान से गेहूं की खरीद करने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। मेरठ मंडल में 239 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। इस बार सरकार ने 1975 रुपये प्रति कुंतल गेहूं का एमएसपी घोषित किया है। इस पर गेहूं की खरीद होगी।
पिछले वर्ष गेहूं का एमएपी 1925 था। इस बार 50 रुपये एमएसपी बढ़ाकर घोषित किया है। इन गेहूं क्रय केंद्रों पर किसान आधार कार्ड के साथ पंजीकरण करायेगा फिर गेहूं सरकार को बेच पाएगा। गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद एमएसपी के अनुसार हो, इसके लिए आईएएस मृदुल चौधरी को जिम्मेदारी दी गई है।
मेरठ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष के साथ-साथ वह गेहूं क्रय केन्द्रों की व्यवस्था भी देखेंगे। मंगलवार को उन्होंने संभागीय खाद विभाग के अधिकारियों की मीटिंग ली, जिसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए मृदुल चौधरी ने कहा कि गेहूं की खरीद एमएसपी पर की जाएगी।
इसमें किसी तरह की शिकायत मिलने पर जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। बनाए गए गेहूं क्रय केंद्रों का खुद आईएएस मृदुल चौधरी ने क्रय केन्द्रों का दौरा कर जानकारी भी जुटाई।
यह गेहूं की खरीद पाप इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट पर चेंज मशीन से की जाएगी। बोरों का भी इंतजाम व्यापक स्तर पर किया गया है। गेहूं का भुगतान बीएफ के माध्यम से 3 दिन के भीतर किसान के अकाउंट में पैसा पहुंचेगा, इसकी व्यवस्था की गई है। सर्वप्रथम किसानों को गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जो साइबर कैफे पर किया जाएगा। इसके लिए मंडी में भी पंजीयन कैंप लगाया जाएगा।
यदि घर के मुखिया किसी वजह से क्रय केंद्र पर नहीं जा पा रहे हैं तो वह पंजीकरण के दौरान किसी को भी नामित कर सकते हैं, जो क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने का काम करेगा। महत्वपूर्ण यह है कि 100 कुंतल से अधिक बिक्री के लिए पंजीकृत आवेदन का सत्यापन एसडीएम करेंगे, जिसके बाद ही इससे ज्यादा गेहूं खरीदा जाएगा।
इसमें एक व्यवस्था यह भी दी गई है कि बटाईदार भी गेहूं बेच सकता है, लेकिन आधार कार्ड जिस व्यक्ति के नाम पर जमीन होगी उसी का लगेगा। बटाईदार से अधिकतम 100 कुंटल तक गेहूं खरीदने की सीमा तय की गई है। किसान खतौनी के दस्तावेज का भी उल्लेख करेगा।
बैंक एकाउंट भी दिया जाएगा। आईएएस मृदुल चौधरी ने मेरठ मंडल की गेहूं खरीद कराने की जिम्मेदारी मिलने के बाद खरखौदा समेत कई क्रय केन्द्रों का निरीक्षण भी किया, ताकि कहीं कोई खामी नहीं रह जाए।
क्या एमएसपी पर बिक पाएगा किसानों का गेहूं, सरकार अलर्ट
एमएसपी को कानून बनाने व कृषि कानून वापसी के मुद्दे को लेकर किसान आंदोलित है। चार माह से किसान दिल्ली के बॉर्डर पर धरना देकर बैठा है। ऐसे में गेहूं की फसल भी तैयार हो गई है। किसानों ने गेहूं की कटाई भी आरंभ कर दी है। गेहूं का एमएसपी 50 रुपये बढ़ाकर 1975 प्रति कुंतल सरकार ने घोषित तो कर दिया हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या एमएसपी पर किसान का गेहूं बिक पाएगा।
इसी को लेकर सरकार अलर्ट मोड में है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गेहूं खरीद केन्द्रों की कमान इस बार आईएएस अफसरों के हाथों में दी हैं। मेरठ मंडल की कमान आईएएस मृदुल चौधरी को सौंपी हैं। क्योंकि गेहूं खरीद में जरा भी चूक हुई और किसान बवाल खड़ा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री नहीं चाहते कि कोई भी ऐसा बखेड़ा खड़ा हो, जिससे आंदोलित किसानों को बल मिले।
क्योंकि पहले ही भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत यह घोषणा कर चुके है कि गेहूं की खरीद एमएसपी पर नहीं होती है तो किसान गेहूं को लेकर संसद भवन पर बेचने के लिए पहुंचेंगे। भाकियू नेता राकेश टिकैत के इस बयान के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलर्ट है।
उन्होंने आईएएस अफसरों की जिम्मेदारी लगाई है, ताकि व्यवस्था में कहीं कोई चूक नहीं हो पाए। विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष के अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलते ही आईएएस मृदुल चौधरी ने संभागीय खाद्य विपणन अधिकारियों की मीटिंग लेकर क्लास भी लगा दी।
उन्होंने खाद्य विभाग के अफसरों को दो टूक कह दिया कि शासन के आदेश के बावजूद गेहूं की एमएसपी से नीचे खरीद का तथ्य सामने आता है तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। दोषी अफसरों के खिलाफ निलंबन तक किया जा सकता है। दरअसल, वेस्ट यूपी किसान बाहुल्य क्षेत्र हैं। फिर भाकियू का गढ़ भी वेस्ट यूपी को ही कहा जाता है। क्योंकि भाकियू का जन्म मुजफ्फरनगर से हुआ है। यहां लापरवाही होती है तो फिर भाकियू मुद्दा बना सकती है। इस वजह से अधिकारी अलर्ट मोड में हैं।

