Saturday, April 17, 2021
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निर्माण में घटिया ईंट का प्रयोग, जिम्मेदार कौन ?

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  • मेरठ-करनाल हाइवे पर एनएचएआई करा रहा कार्य, अव्वल ईंट से परहेज

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेरठ-करनाल हाइवे पर एनएचएआई सड़क चौड़ीकरण का काम करा रहा है। मेरठ से लेकर शामली तक तमाम पुलिया का दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। तेजी के साथ इसमें काम भी चल रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इन पुलिया के निर्माण में घटियां ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है।

अव्वल ईंट के बजाय घटिया ईटों का प्रयोग क्यों किया जा रहा हैं? यह किसके कहने पर खराब ईंट का प्रयोग हो रहा हैं? यह हालत एनएचएआई के काम की है। यदि इस तरह का घटिया निर्माण मेरठ-करनाल हाइवे पर किया जा रहा है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

इसमें एनएचएआई के अधिकारी मौन क्यों है? क्योंकि मंगलवार को भी नंगला ताशी के सामने चल रहे पुलिया के निर्माण और अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारियों की मौजूदगी में घटिया ईंट का प्रयोग किया जा रहा है तो पीछे क्या हाल होगा।

बड़ा सवाल यह है कि एनएचएआई की देखरेख में निर्माण पर कोई शंका नहीं की जा सकती, लेकिन मंगलवार को नंगला ताशी के सामने जो पुलिया का निर्माण चल रहा है, उसमें अव्वल ईटों की बजाय घटिया ईट प्रयोग में लाई जा रही हैं। खराब ईंट के चट्टे भी यहां लगे हुए हैं। जिनका प्रयोग निर्माण में किया जाना तय है। क्या यह सब एनएचएआई के अधिकारियों को दिखाई नहीं देता।

यदि इसी तरह से ठेकेदार घटिया सामग्री का प्रयोग इस निर्माण में करता रहा तो मेरठ करनाल-हाइवे जिस तरह से वर्तमान हालत में क्षतिग्रस्त हो गया है। वैसा ही कुछ हाल एनएचएआई का निर्माण पूरा होने के ज्यादा दिन तक चल पाएगा, यह मुश्किल नजर आ रहा है। क्योंकि मानक और गुणवत्ता के साथ एनएचएआई की समझौता वाली नीति समझ में नहीं आ रही है।

मेरठ से शामली तक करीब 200 पुलिया का निर्माण किया जाना है, जिसमें प्रथम चरण में निर्माण तेजी से चल रहा है। इसमें भी घटिया ईंट को लगाना एनएचएआई की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है। क्योंकि एनएचएआई के निर्माण की विश्वसनीयता होती है, लेकिन मौके पर जब खराब ईंट को निर्माण देखा तो लोग चौक गए कि इस तरह का निर्माण एनएचएआई करा रही है, जिसकी जांच कराई जानी चाहिए। ये निर्माण मानक के अनुरूप नहीं किये जा रहे हैं।

चौड़ीकरण के बेस में तो नहीं किया जा रहा घालमेल

हाइवे का चौड़ीकरण करने के लिए इसका बेस तैयार किया जाता है। बेस में कोई भी चूक की तो फिर से मेरठ-करनाल हाइवे जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो जाएगा। क्योंकि पहले भी बेस में चूक हुई हैं। मेरठ-करनाल हाइवे पर जहां पर ट्रकों का आवागमन रहता है, वहां दोनों तरफ से सड़क बीच से नीचे दब गई है।

ऐसा तभी होता है जब सड़क निर्माण का बेस ही खराब तैयार किया गया हो। इस बार भी ऐसा ही किया तो दिक्कतें होगी। वर्तमान में जो सड़क बनी हुई है, उसको तोड़कर बेस फिर से तैयार करना होगा, तभी यह सड़क चल पाएगी।

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