जनवाणी ब्यूरो |
मेरठ: छोटे शहर की एक युवती की जिंदगी की जद्दोजहद पर प्रकाश डालने वाली नैना के बाद आज तक के सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर संजीव पालीवाल अपनी नई किताब पिशाच के साथ फिर पुस्तक प्रेमियों के सामने है। उनका मानना है कि पिशाच समाज के छुपे हुए कुकर्मियों को उजागर करती है।
संजीव पालीवाल शनिवार को निम्बस में अपनी नई किताब पिशाच के सिलसिले में आये थे। उनका दावा है कि उनकी पुस्तक में पाठक को मनोरंजन के साथ हकीकत भी मिलेगी। उन्होंने बताया कि हिंदी साहित्य में मनोरंजन की कमी होने के कारण लोग दूर जा रहे हैं। इंग्लिश साहित्यकारों ने इसे समझा और वही दिया जो लोग चाहते हैं। इस मौके पर एडवोकेट रामकुमार शर्मा, ठाकुर प्रतिश सिंह, डॉ सुधाकर आशावादी, साहित्यकार निर्मल गुप्त, अलका शर्मा आदि मौजूद थे।

