- प्लेटफार्म पर ट्रेन आने के बावजूद कार्यालय में नहीं कोई अधिकारी
- जीआरपी और आरपीएफ थाने के हवाले सिटी स्टेशन
सागर कश्यप |
मेरठ: सिटी स्टेशन पर पहले सिर्फ ट्रेनों के समय पर न पहुंचने की खबरें आती रही हैं, लेकिन इन दिनों ट्रेन नहीं, बल्कि अधिकारियों की गाड़ी पटरी पर नजर नहीं आती है। रेलवे स्टाफ अपने कार्य को लेकर लापरवाह नजर आ रहा है। ट्रेन के प्लेटफार्म पर होने के बावजूद भी अधिकारी प्लेटफार्म तो दूर, बल्कि कार्यालयों में भी नजर नहीं आते हैं। यह नजारा कई बार पहले भी देखा जा चुका है, लेकिन फिलहाल स्टेशन पर ऐसा माहौल लगातार ही देखने को मिल रहा है।

प्रदेश भर में सरकार द्वारा अधिकारियोें और सरकारी कर्मियों को समय से कार्यालयों में उपस्थित होने के निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकारी कार्यालयों की कार्यशैली ढर्रे पर नहीं आ पा रही है। यूं तो रेलवे पर सीधा केंद्र का कंट्रोल रहता है, लेकिन बावजूद इसके अधिकारियों की नींद दोपहर तक नहीं टूटती है। सिटी स्टेशन पर लगातार ट्रेने आती जाती रहती हैं, लेकिन प्लेटफार्म पर ट्रेने होने के बावजूद कार्यालय सूने ही नजर आते हैं।

लोगों का सीधे पटरी पार करना अब भी जारी
कहने को तो स्टेशन परिसर पर जीआरपी और आरपीएफ दोनों ही तैनात रहते हैं, लेकिन इनकी नाक के नीचे ही लोग पटरी पर खुलेआत टहलते नजर आते हैं। जिससे यह साफ अंदाजा होता है कि दोनों ही पुलिस फोर्स किसी दुर्घटना होने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को पटरी पर जाने से रोकना तो दूर बल्कि उन्हें टोकने तक की जहमत नहीं की जाती है। जिससे किसी भी दिन यह लापरवाही दुर्घटना का रुप ले सकती है।
खामियों के बीच एक व्यवस्था दुरुस्त
जनवाणी की टीम ने सिटी स्टेशन का जायजा लिया तो खामियां काफी निकली, लेकिन इस सब के बीच स्टेशन पर एक व्यवस्था दुरुस्त भी नजर आई। सिटी स्टेशन पर सफाई व्यवस्था लगातार दुरुस्त होती जा रही है। स्टेशन परिसर को सफाई कर्मियों को चकाचक रखा गया है। वहीं, जगह-जगह कूड़ेदान हैं और कचरा भी सिर्फ उन्हीं में नजर आता है। प्लेटफार्म से लेकर टिकट खिड़की तक सफाई व्यवस्था स्टेशन पर कायम है।
एस्कलेटर और आरओ मशीन सिर्फ शोपीस
सिटी स्टेशन पर लगे आरओ वाटर मशीन इन दिनों जंग खा रही है। यहां लगी पानी की मशीन में पैसे डालने पर पानी निकलता था, लेकिन इन दिनों सिक्का अंदर डालने की जगह ही नहीं बची है। मशीन हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि पानी निकलना तो दूर बल्कि माशीन पर जंग लगने लगी है। उधर, करोड़ों की लागत से बना एस्कलेटर भी सालों से बंद पड़ा है। जॉनसन कंपनी द्वारा वर्ष 2018 में लगाया गया एस्कलेट, जिसका उद्घाटन सांसद राजेंद्र अग्रवाल द्वारा किया गया था, इन दिनों बंद है। अब यह सब मात्र शोपीस के लायक ही रह गया है।
स्टेशन अधीक्षक और स्टेशन मास्टर नदारद
दैनिक जनवाणी टीम ने बुधवार को सिटी स्टेशन का जायजा लिया। प्लेटफार्म पर दोपहर एक बजे के करीब ट्रेन होने के बावजूद ज्यादातर कार्यालय खाली मिले। स्टेशन अधीक्षक, स्टेशन मास्टर और वाणिज्य निरीक्षक तीनों के कार्यालय खाली मिले। एक तरफ ट्रेन पटरी पर पहुंच चुकी थी तो वहीं दूसरी ओर कार्यालयों में कुर्सियां खाली। स्टेशन पर सिर्फ जीआरपी और आरपीएफ पुलिस ही थानों के आगे कुर्सियां डालकर बैठे नजर आई। उधर, संक्रमण काल के चलते भी सिटी स्टेशन पर शुरुआत में तो थर्मल स्कैनिंग की गई। लेकिन इन दिनों इसकी व्यवस्था भी स्टेशन परिसर से समाप्त कर दी गई है।

