- फर्जी तरीके से बैनामा करने का मामला अफसरों के संज्ञान में
- गड़बड़झाला करने वाले अभियंताओं पर गिर सकती है गाज
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: विकास प्राधिकरण में दलाली करने वालों की अब खैर नहीं होगी। ऐसे लोग जो अभियंताओं से मिलकर अवैध निर्माण कराते हैं, उन्हें चिन्हित किया जाएगा। उनके परिसर में घुसने पर भी प्रतिबंध हो सकता है। दरअसल, सरसावा क्षेत्र के गांव बोन्सा और पवन विहार के रहने वाले प्रापर्टी डीलर्स ने एक युवक के खिलाफ जबसे मोर्चा खोला है, तब से अधिकारी भी एक्शन के मूड में हैं।
बता दें कि सहारनपुर में अवैध निर्माणों की झड़ी लगी है। इसके लिए सीधे तौर पर प्राधिकरण के अभियंता दोषी हैं। शहर को कोई ऐसा कोना नहीं बचा है, जहां अवैध निर्माण न हो रहा हो। इन दिनों अस्पताल पुल के ठीक नीचे एक नर्सिंग होम नक्शे के विपरीत बनाया जा रहा है। यह पूरी बिल्डिंग खतरनाक है।
इसका छज्जा सड़क पर आ रहा है। लेकिन संबंधित अभियंता और विभागीय अधिकारी आंख बंद किए हुए हैं। पूरे शहर में ऐसा हो रह है। यहां तक कि जनता रोड और अंबाला रोरड पर नियम विरुद्ध कालोनियां काटी जा रही हैं। यह सब एसीडए की मिलीभगत से हो रहा है। एक रोज पहले सरसावा के प्रापर्टी डीलर ने पत्रकार वार्ता कर कहा था कि उनके प्लाट का फर्जी बैनामा किसी दूसरे को कर दिया गया।
आरोपित युवक के खिलाफ पीड़ितों ने थाने में भी तहरीर दी है। आरोप है कि एसडीए के कुछ विभागीय कर्मियों से साठगांठ कर युवक ने कई मकान अपने नाम कर लिए हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोपित युवक के खिलाफ कार्रवाई कर प्लाट वापस दिलाने की मांग की है। पवन विहार निवासी विनय कुमार छाबड़ा और गांव बोन्सा निवासी रविंद्र ने यह बताया था कि वह प्रापर्टी का काम करते हैं।
रविंद्र कुमार ने बताया कि उसने पेपर मिल रोड़ पर एक कालोनी काटी थी। इसी कालोनी के बराबार में उसका एक खाली प्लाट पड़ा हुआ था। उसने यह प्लाट एक युवक को बेच दिया। उसी समय पता चला कि यह प्लाट आरोपित युवक ने फर्जी बैनामा दस्तावेज तैयार कर किसी दूसरे को बेच दिया।
फिलहाल, यह मामला सुर्खियां बनने के बाद अब प्राधिकरण के अधिकारी भी सन्न हैं। सचिव देवेंद्र कुमार का कहना है कि अभियंताओं पर तो शिकंजा कसेगा ही, साथ ही जो लोग इनसे मिलकर दलाली खाते हैं और अवैध निर्माण कराते हैं, उन पर भी लगाम लगाई जाएगी। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके प्राधिकरण में प्रवेश को भी रोका जाएगा।

