जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के जेम वाले बयान पर सांसद आजम खां की पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आजम खां का नाम जिन्ना के साथ जोड़ना सरासर अन्याय है।
जबकि, आजम खां ने तो हमेशा जिन्ना की विचारधारा का विरोध किया है। वहीं, भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी ने पाकिस्तान जाकर जिन्ना की मजार पर माथा टेका था। ऐसे में आजम खां किस तरह से जिन्ना की विचारधारा के समर्थक हो सकते हैं।
गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को आजमगढ़ की जनसभा में कहा था कि मोदी सरकार JAM लेकर आई। लेकिन, सपा सरकार जो JAM लेकर आई थी, उसमें जिन्ना, आजम खां और मुख्तार अंसारी शामिल हैं।
सीतापुर जेल में बंद आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने अमित शाह के इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यह अफसोस की बात है कि आजम खां जो एक सांसद भी हैं, उनका नाम जिन्ना के साथ गृहमंत्री ने जोड़ा।
आजम खां हमेशा से ही एक मजबूत दृढ़ राष्ट्रवादी रहे हैं। उन्होंने हमेशा ही जिन्ना की विचारधारा का विरोध किया है। उन्होंने कभी पाकिस्तान का समर्थन नहीं किया और न ही पाकिस्तान जाने जैसी बात कही।
एक ऐसा व्यक्ति जिसके मन में इतना प्रेम हो कि उन्होंने यहां शिक्षण संस्थानों की स्थापना की। जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना की। उसका नाम जिन्ना के साथ जोड़ना सरासर अन्याय है।
डॉ. तजीन फात्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कभी पाकिस्तान जाकर जिन्ना की कब्र पर माथा नहीं टेका।
जबकि, लालकृष्ण आडवाणी पाकिस्तान गए, तो उन्होंने खासकर जिन्ना की कब्र पर जाकर अपना माथा टेका। ऐसे में आजम खां किस तरह से जिन्ना की विचारधारा के समर्थक हो सकते हैं।
जिन्ना की विचारधारा का न सिर्फ पार्टी, आजम खां, बल्कि हर हिन्दुस्तानी विरोध करता है। यह सब राजनीति से प्रेरित है।

