Monday, March 23, 2026
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भारत में क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य पर आज अहम बैठक

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारत में क्रिप्टोकरेंसी के मुद्दे को लेकर गहमा गहमी तेज हो गई है। बीते हफ्ते प्रधानमंत्री की अगुआई में 13 नवंबर को इस संबंध में बैठक हुई थी। अब आज फिर इस मुद्दे को लेकर संसदीय कमेटी बैठक करने जा रही है। कई रिपोर्टों के अनुसार, ऐसा कहा जा रहा है कि सरकार शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक विधेयक पेश कर सकती है। इसी को लेकर आज की बैठक में चर्चा होनी है। यह बैठक आज दोपहर तीन बजे होनी है।

बीते हफ्ते प्रधानमंत्री की अगुआई में हुई थी बैठक

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सजग नजर आ रही है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में इस मुद्दे पर 13 नवंबर को बैठक हो चुकी है। इस बैठक में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर विभिन्न देशों और दुनियाभर के विशेषज्ञों से इस बारे में परामर्श के बाद चर्चा की गई थी। अब सरकार ने इस मुद्दे पर बड़ा फैसला लेने के लिए मन बना लिया है।

शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी

रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर एक व्यापक विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है, जिसे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, एक संसदीय समिति आज बंद दरवाजे के भीतर क्रिप्टो उद्योग के सभी पहलुओं पर विचार करके अहम फैसला ले सकती है। यह पहली बार है कि समिति ने क्रिप्टो उद्योग के हितधारकों को औपचारिक रूप से इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया है।

आरबीआई ने क्रिप्टो को बताया है बड़ा खतरा 

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीते हफ्ते अपने एक बयान में कहा था कि वर्चुअल करेंसी को लेकर आरबीआई की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हमें क्रिप्टोकरेंसी के बारे में प्रमुख चिंताएं हैं, जो हमने सरकार को बताई हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों को भी डिजिटल करेंसी को लेकर बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। यह एक बड़ा जोखिम साबित हो सकता है। दास ने कहा था कि ये किसी भी वित्तीय प्रणाली के लिए एक गंभीर खतरा हैं, क्योंकि वे केंद्रीय बैंकों द्वारा नियंत्रित नहीं हैं।

चीन में डिजिटल करेंसी पर लगा है प्रतिबंध

गौरतलब है कि चीन ने डिजिटल संपत्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि रिपोर्ट की मानें तो आरबीआई की चेतावनी के बाद भी भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर एक नियामक के पक्ष में है। यानी भारत पूरी तरह से क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने के बजाय इसपर पैनी नजर रखेगा।

क्रिप्टो से होने वाली कमाई पर टैक्स के संकेत 

इससे पहले रेवेन्यू सेक्रेटरी ने एक कार्यक्रम के दौरान अपना पक्ष रखते हुए यह भी संकेत दिया था कि बिल में क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर टैक्स लगाया जा सकता है। संभावना है कि अगर क्रिप्टोकरेंसी से कमाई होती है तो उस कमाई पर पूंजीगत लाभ कर लगाया जा सकता है।

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