जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर के केएमसी हॉस्पिटल के डॉक्टर दंपति समेत चार के खिलाफ एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के अंग चोरी किए जाने के आरोप लगाते हुए न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है।
रोहटा थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर निवासी ब्रिजेश शर्मा ने एसीजेएम के आदेश पर टीपी नगर थाने पर केएमसी के डायरेक्टर डॉ. सुनील गुप्ता, डॉ. प्रतिभा गुप्ता, डॉ. सतीश अरोरा तथा अज्ञात न्यूरो सर्जन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कार चालक ब्रिजेश शर्मा ने मुकदमे में बताया कि उसने वह अपनी पत्नी बबीता को पित्त की थैली में पथरी होने की शिकायत पर दो अक्टूबर 2024 को केएमसी हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना में ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया था। इसके अगले दिन बबीता का पथरी निकालने के लिए पित्त की थैली का ऑपरेशन डॉ. सुनील गुप्ता, डॉ. प्रतिभा गुप्ता, डॉ. सतीश कुमार अरोरा और एक अज्ञात ने किया था। ऑपरेशन के बाद बबीता को होश नहीं आया और वह कोमा में चली गई। इसके बाद पांच अक्टूबर 2024 को बबीता की मृत्यु हो गई, उसी रात डेढ़ बजे बिना डिस्चार्ज पेपर दिए बबीता के शव को एंबुलेंस से घर भेज दिया गया। अंतिम संस्कार के लिए शव को नहलाते समय महिलाओं ने बबीता के शरीर पर कई जगह चीर-फाड़ कर सिलाई करके पट्टी लगाने के निशान देखे तो शव की वीडियो बना ली। महिलाओं ने वीडियो ब्रिजेश शर्मा को दिखाते हुए बबीता के ऑर्गन निकालने की आशंका जताई। ब्रिजेश शर्मा ने आरोप लगाए कि बबीता का पित्त की थैली का साधारण ऑपरेशन करते समय लापरवाही बरती गई जिससे उसकी मौत हो गई। इसी का फायदा उठाकर बबीता के शरीर के ऑर्गन निकाले गए। इसलिए डाक्टरों ने आनन-फानन में शव को एंबुलेंस से रात में ही बिना सुपुर्दगीनामा तथा ईलाज संबंध कागज दिए भेज दिया। पीड़ित ब्रिजेश शर्मा ने बताय कि जनवरी 2025 में उसको समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया से पता चला कि केएमसी हॉस्पिटल के प्रबंधन के द्वारा बुलंदशहर की महिला के ऑर्गन भी इसी तरह निकाले गए थे जिसका मुकदमा दर्ज हुआ था। इसलिए परिवार के सदस्यों की आशंका पर उसको पूर्ण विश्वास है कि हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा बबीता के शरीर के ऑर्गन तस्करी के लिए निकाले गए हैं। बबीता के इलाज में भी डॉक्टरों ने लापरवाही की गई जिससे उसकी मौत हो गई।

