जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके रविवार को वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के आवास से अपने घर के लिए रवाना हुए। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद रिहा हुए दिपके ने बताया कि वह अपनी दादी के निधन के बाद परिवार के साथ रहने के लिए घर जा रहे हैं।
दिपके ने यह भी जानकारी दी कि सीजेपी के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें संगठन की ओर से आगे की रणनीति के बारे में बताया जाएगा।
‘ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा के लिए पूरी दिल्ली को ठप कर दिया’
रिहाई के बाद अभिजीत दिपके ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा को लेकर किए गए इंतजामों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा व्यवस्था के कारण दिल्ली के आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिपके ने कहा, “पूरी दुनिया ने देखा कि क्या हुआ। ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा के लिए पूरी दिल्ली को ठप कर दिया गया। आखिर ज्ञानेश कुमार में ऐसा क्या है कि उनकी सुरक्षा के लिए कल लाखों लोगों को असुविधा उठानी पड़ी?” उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के दौरान आम नागरिकों को हुई कथित परेशानियों को लेकर सवाल उठाए।
दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके के परिवार ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें समय पर रिहा नहीं किया, जिसके कारण वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। परिवार के मुताबिक, दिपके की 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकरराव दिपके का महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में लंबी बीमारी के बाद शनिवार को निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह किया गया।
परिजनों का दावा है कि उन्होंने दिपके से संपर्क करने और उन्हें समय पर घर पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन हिरासत में रहने के कारण वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। परिवार ने इस मामले में दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए थे सीजेपी के तीन नेता
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिया था। बाद में तीनों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई और उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126/170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस के मुताबिक, एक वर्ष तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण की शर्त पर 50 हजार रुपये के जमानती मुचलके की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों को रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद आगे की रणनीति पर नजर
रिहाई के बाद अभिजीत दिपके अपने परिवार के पास लौट रहे हैं, जबकि सीजेपी की ओर से आगे की रणनीति को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने की जानकारी दी गई है। ऐसे में संगठन की आगामी गतिविधियों और दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनी हुई है।

