- करोड़ों रुपये की चीनी और शीरे की हेरा-फेरी पड़ी भारी
- स्टॉक में रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया 37 करोड़ रुपये का मामला पकड़ में आया
जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: किसानों के द्वारा बकाया चीनी मिलों को आगामी सीजन में गन्ना न देने की घोषणा के बाद गन्ना विभाग व प्रशासन की सोमवार को नींद टूट गई। देर रात एडीएम प्रशासन अमित कुमार व जिला गन्ना अधिकारी डा. दुष्यंत कुमार ने टीम के साथ किनौनी चीनी मिल के गोदाम पर अचानक छापा मारा। चीनी व शीरा बिक्री के रिकॉर्ड का बारीकी से सत्यापन किया। जिसमें 37 करोड़ रुपये की चीनी व शीरे की बिक्री का मामला पकड़ में आया है।
गौरतलब है कि किनौनी शुगर मिल पर किसानों का पिछले वर्ष का बकाया गन्ना भुगतान करोड़ों रुपए में चल रहा है। लेकिन शुगर मिल किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर रही से लेकर हाल ही में किनौनी शुगर मिल गेट पर धरना भी दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी मिल प्रशासन के कानों पर जो नहीं रेंगी। इसके बाद अब प्रशासन हरकत में आया है। नवंबर माह में जहां आगामी गन्ना पेराई सत्र चालू होने जा रहा है।
वहीं जनपद की कुछ चीनी मिल गत वर्ष का बकाया गन्ना भुगतान अभी दबाए बैठी है। बकाया अदा न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ लामबंद होता जा रहा है तथा बकाया अदा न करने वाली चीनी मिलों को किसी भी कीमत पर आगामी सीजन में गन्ना न देने को लेकर जिला गन्ना अधिकारी व डीएम कार्यालय पर बकाएदार चीनी मिलों के खिलाफ किसान धरने प्रदर्शन कर रहे लामबंद हो रहे हैं और बकाया चीनी मिलो का क्षेत्र काटकर समय पर भुगतान करने वाली चीनी मिल के क्रय केंद्र लगाने की मांग जोर शोर से कर रहे हैं।

किसान जल्द ही लखनऊ गन्ना आयुक्त कार्यालय पर भारी संख्या में पहुंचकर बकाया चीनी मिलों के खिलाफ बिगुल फुकेंने की तैयारी में जुटा है। वहीं, अधिकारियों के सिरदर्द बन रहे किसान के बाद जनपद के आलाधिकारी भी हरकत में नजर आए और सोमवार की देर सांय को गन्ना विभाग और जिला प्रशासन ने भी अंगड़ाई ली है। जिसमें एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह व जिला गन्ना अधिकारी डा. दुष्यंत कुमार ने बजाज शुगर मिल किनोनी के चीनी व शीरे के गोदाम पर अचानक छापा मारा और मिल के सेल्स विभाग के सभी रिकार्ड को अपने कब्जे में कर पिछले तीन माह में चीनी व शीरे की बिक्री का सत्यापन किया।
उसके बाद जिला गन्ना अधिकारी डा. दुष्यंत कुमार ने बताया कि किसानों को अदा किए गए गन्ना भुगतान व चीनी मिल द्वारा की गई बिक्री में 37 करोड़ का अंतर पाया गया है। मिल प्रबंधनक निदेशक से फोन पर वार्ता कर उक्त पाए गए अंतर का 85 प्रतिशत से जल्द किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को अदा करने की सख्त हिदायत दे दी गई है। यदि मिल प्रबंधन ने जल्द ऐसा नही किया तो मिल प्रबंधन के खिलाफ विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मिल के यूनिट हेड केपी सिंह का कहना है कि चीनी की बिक्री से भुगतान का 85 प्रतिशत किसानों के खातों में नियमानुसार भेजा जा रहा है जो रुका हुआ है उसे भी जल्द भेज दिया जायेगा।

