अनलॉक 4.0: स्कूल रहेंगे बंद, 21 सितम्बर से 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को सशर्त अनुमति
माता-पिता की अनुमति जरूरी: नहीं चलेंगी क्लॉस, केवल समस्याओं का होगा समाधान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: केंद्र सरकार की ओर से जारी अनलॉक 4.0 की अधिसूचना में स्कूलों को 30 तक भले ही न खोलने के निर्देश दिए गए हैं। मगर कक्षा नौ से बाहरवी तक के छात्रों को 21 सितम्बर से इसमें कुछ राहत मिलेगी।
9वीं से 12वीं तक के छात्र अपनी समस्याओं का समाधान जानने के लिए स्कूल जा सकेंगे, मगर इसलिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक होगी। जबकि अन्य कक्षाओं के छात्रों की आनलाइन क्लास पहले की तरह ही चलेंगी।
इसमें दी गई है छूट

सहोदय सचिव राहुल केसरवानी का कहना है कि सरकार की सराहनीय पहल है। ऐसा तो हो नहीं सकता था कि एक साथ सभी कक्षाएं संचालित कराने के लिए स्कूल खोल दिए जाए। लोगों को आदत दिलाने के लिए कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को आने की बात कही गई है। ताकि बच्चों को स्कूल आने की आदत पड़ सकें। पहले दिन उपस्थिति सौ प्रतिशत तो नहीं होगी, लेकिन इसका छात्रों को लाभ मिलेगा। बोर्ड परीक्षाएं मार्च में होनी है। इसलिए छात्र अपनी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे।

कालका स्कूल प्रधानाचार्य डॉ. करमेंद्र सिंह का कहना है कि वैसे तो आनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही थी,लेकिन आनलाइन कक्षाओं में जिस तरह समस्याओं का समाधान होना चाहिए वह नहीं हो पा रहा था। इस गाइडलाइन से छात्र-छात्राओं को काफी लाभ मिलेगा। सरकार की इस पहल का स्वागत करना चाहिए। क्योंकि नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों का सिलेबस टफ होता है।

गार्गी स्कूल वाइस प्रिसिंपल डॉ. वागमिता का कहना है कि अनलॉक 4.0 की अधिसूचना जारी होने से छात्रों को काफी लाभ मिलेगा। क्योंकि इसमें बेशक स्कूल न खोलने की बात कही गई, लेकिन कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को अभिभावकों की अनुमति के बाद स्कूल आने के लिए कहा गया है। इससे वह अपनी विषय संबंधित समस्याओं का शिक्षकों से रुबरु होकर समाधान कर सकेंगे।

इस्माईल इंटर कॉलेज प्रधानाचार्या डॉ. मृदुला शर्मा का कहना है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक तो पहले से ही स्कूल आकर आनलाइन शिक्षण कार्य छात्रों को करा रहे है। यदि अब छात्रों को स्कूल आना है तो इसका उन्हें लाभ मिलेगा। 10वीं और 12वीं के छात्र अपनी समस्याओं का आसानी से समाधान करा सकेंगे।

