नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा आज सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 428 दर्ज किया गया है। यह स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है, जो वायु में अत्यधिक प्रदूषक तत्वों की मौजूदगी को दर्शाता है।
बुधवार को एक्यूआई 353 दर्ज
बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 353 दर्ज किया गया, जो रेड जोन यानी हवा की ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। कई जगहों पर एक्यूआई 400 को पार कर गया, जो गंभीर चिंता का विषय है। मंगलवार को भी एक्यूआई 351 दर्ज किया गया था, जबकि बुधवार सुबह ITO का AQI 353 रहा।
दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में तेजी से आई गिरावट
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली के बाद दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है। शहर में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) का स्तर पिछले पांच वर्षों में सबसे खराब स्थिति में पहुँच गया है। दिवाली के तुरंत बाद, 24 घंटे के भीतर पीएम 2.5 की औसत सांद्रता 488 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुँच गई, जो त्योहार से पहले के 156.6 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के स्तर से तीन गुना से भी अधिक है।
2021 से 2025 तक के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि दिवाली की रात और अगली सुबह पीएम 2.5 की भागीदारी लगातार बढ़ी है। वर्ष 2025 में दिवाली के बाद 488 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की रीडिंग दर्ज की गई, जो 2021 के बाद से उच्चतम प्रदूषण स्तर को दर्शाता है।

