- हमारे ऐसे संस्कार सफाई कर्मियों का भी किया जा रहा सम्मान
- पूज्यनीय पूजनीय महर्षि बाल्मीकि को हम लोग मानते हैं भगवान् के समान
- प्रधानमंत्री स्वयं सफाई मित्रों का प्रयागराज में किया था सम्मान
- केंद्रीय बजट में सीवर, टैंक और गहरी नाले-नालियों की सफाई के जोखिमपूर्ण कार्यों में मशीन के प्रयोग पर दिया गया है बल
- प्रदेश में ठेका-पट्टा, संविदा, आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती एवं निजी कंपनियों द्वारा कार्य कराने की व्यवस्था सपा-बसपा सरकारों की देन
- प्रदेश की योगी सरकार सफाई मित्रों के मान-सम्मान, मानदेय एवं जीवन की सुरक्षा की कर रही चिंता
जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने आज विधान परिषद में बसपा सदस्य भीमराव अंबेडकर द्वारा सफाई कर्मियों की समस्याओं के सम्बन्ध में उठाये गए बिंदुओं पर कार्य स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने तथा इस पर सरकार का पक्ष जानने पर मंत्री एके शर्मा ने अपनी बात माननीय लोहिया के कथन “जनप्रतिनिधियों के कथनी और करनी में मेल होना चाहिए” से शुरू की।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के कथनी और करनी में अंतर नहीं होना चाहिए। प्रदेश सरकार सफाई कर्मियों के लिए जो भी आवश्यक हो सकता है, उनके लिए कर रही है। उनके द्वारा किये जाने वाले गंभीर कार्यों के दौरान जीवन को सुरक्षित करने के लिए सेफ्टी किट दी गई हैं, उनका जीवन खुशहाल रहे इसके लिए उनका मानदेय भी बढ़ाया गया है। प्रदेश सरकार सफाई कर्मियों के लगन, मेहनत, पुरुषार्थ से किए गए कार्यों से पूरी तरह संतुष्ट है और सफाई कर्मी भी प्रदेश की नीतियों से खुश हैं।
शर्मा ने कहा कि जैसे ही मैं प्रदेश का मंत्री बना, उसके दूसरे दिन ही सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान कुछ सफाई कर्मियों की मृत्यु हो गई थी, जो मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक थी। मैंने उनके जीवन की सुरक्षा हेतु तत्काल किट उपलब्ध कराने के लिए कहा। मैं स्वयं भी सुबह-सुबह सफाई कर्मियों से प्रतिदिन रूबरू होता हूं और उनकी चिंता करता हूं। साथ ही सफाई कर्मियों के कार्यों का सम्मान बढ़ाने और उनका सहयोग करने के लिए लोगों से भी अनुरोध करता हूं और लोगों को इसके लिए जागरूक भी करता हूं कि सफाई कर्मियों का मान सम्मान का ध्यान रखें और उनका सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की बदौलत ही जीआईएस और जी-20 सम्मेलन के दौरान विश्वभर से आए प्रतिनिधियों ने यहां की नगरीय व्यवस्था और साफ सफाई की प्रशंसा की। उनकी सराहना से सफाई कर्मियों का और मनोबल बढ़ा है।
प्रदेश सरकार सफाई कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो, उन्हें समय से वेतन मिले, उनकी सुरक्षा के साथ उनकी जान माल की भी चिंता कर रही है। आंबेडकर द्वारा सफाई कर्मियों की सेवा नियमावली बनाने की बात पर उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की सेवा नियमावली की जहां तक बात है, इस पर भी सरकार का ध्यान है। उन्होंने कहा कि अंबेडकर द्वारा आरोप लगाना कि सफाई कर्मियों को बिना सुरक्षा उपकरण के खतरनाक कार्यों में लगाया जाता है। निजी कंपनियां उनका शोषण कर रही हैं।
मैं बता देना चाहता हूं कि इस व्यवस्था को प्रदेश में लागू करने के लिए सपा और बसपा सरकार ही जिम्मेदार हैं। जिन्होंने अपने शासनकाल में इसकी पूरी व्यवस्था की। इसके लिए मुलायम सिंह जी के 2003-07 के दौरान 2004, 2005, 2006 में शासनादेश के माध्यम से कुछ निकायों में 06 माह के लिए यह ठेकेदारी के माध्यम से साफ़-सफाई की व्यवस्था प्रयोग के रूप में लागू की गयी थी। प्रदेश में निजीकरण का पहला प्रयोग मुलायम सिंह के समय ही हुआ। मायावती के समय 2007-12 में 8 सितम्बर तथा 7 दिसम्बर 2010 के साशनादेश में इस व्यवस्था को पूरी तरह धरातल पर उतारने का कार्य किया गया और अखिलेश के समय 2012-17 में इस प्रयोग को और पुख्ता किया गया।
शर्मा ने कहा कि सफाई कर्मियों को सम्मान देने के लिए उन्हें मेरे द्वारा सफाई मित्र की संज्ञा दी गयी। इनके प्रयासों से ही नगरों की साफ-सफाई बेहतर हुई है। प्रातः 5:00 से 8:00 के बीच नियमित रूप से सफाई सभी निकायों में की जा रही हैं। व्यावसायिक स्थानों में दो से तीन बार भी सफाई की जा रही है।
शर्मा ने कहा कि हमारा ऐसा संस्कार है कि हम महर्षि वालमीकि को भी “वालमीकि भये राम समाना” अर्थात भगवान् के सामान मानते है। वालमीकि हमारे लिए सम्माननीय एवं पूजनीय हैं। उन्होंने कहा की माननीय प्रधानमन्त्री अपने केंद्रीय बजट में भी सीवर, सेफ्टी टैंक एवं गहरी नाले नालियों की सफाई जैसे जोखिमपूर्ण कार्यों पर मशीन के प्रयोग की बात की है। उन्होंने स्वयं भी प्रयागराज के महाकुम्भ में सफाई कर्मियों का सम्मान कर चुके हैं।

