- आवेदन के बावजूद सैकड़ों युवाओं के नही बने नए मत
- वर्षों से मतदान कर रहे सैकड़़ों के मत निरस्त
जनवाणी संवाददाता |
मुंडाली: अजराड़ा में मत पुर्ननिरीक्षण में बीएलओ की घोर लापरवाही सामने आई है। एसडीएम से इसकी शिकायत की गई है। आरोप है कि गांव की तमाम बीएलओ ने घर बैठे मतदाता सूची का पुर्ननिरीक्षण कर दिया। इसमें वर्षों पूर्व मरे 376 मतदाताओं को जीवित दर्शाया गया तो 622 जीवित मतदाताओं के मत निरस्त कर दिए गए। 210 युवाओं को आवेदन के बावजूद मत न बनने पर मतदान से वंचित रहना पड़ा।
आम आदमी पार्टी किसान प्रकोष्ठ के मेरठ जिलाध्यक्ष फुरकान त्यागी ने एसडीएम सदर को दिए शिकायती पत्र में बताया कि खरखौदा ब्लॉक का अजराड़ा उनका पैतृक गांव है। जो किठौर विधानसभा में आता है। बताया कि गांव में कार्यरत तमाम बीएलओ ने अपने घर बैठे मतदाता सूची का पुर्ननिरीक्षण कर दिया। आरोप है कि गांव के 210 युवाओं ने नए मत बनवाने के लिए आवेदन किए थे, जिन्हें बीएलओ अपने घरों में रखकर बैठ गई। मत न बनने से युवा मतदान से वंचित रह गए। बीएलओ पर घर-घर मतपर्ची न बांटने, कई लोगों के आवेदन वापसी की धमकी देने के भी आरोप लगे हैं।
इसके अतिरिक्त 622 ऐसे लोगों के मत निरस्त किए गए जो वर्षों से मतदान करते चले आ रहे हैं। हैरतअंगेज बात ये है कि मतदाता सूची को एक बार नजर भरकर देखा तक नहीं गया। शायद यही वजह है कि वर्षों पूर्व मर चुके 376 लोग मतदाता सूची में आज तक जिंदा हैं। इस तरह 9800 मतों का पोलिंग होने वाले इस गांव में मत वृद्धि के बजाए घटकर 8334 रह गए।
फुरकान ने बताया कि उसने मत पुर्ननिरीक्षण सुपरवाइजर से भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। फुरकान ने एसडीएम से आरोपी बीएलओ व सुपरवाइजर पर जांचोपरांत कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम सदर का कहना है कि शिकायत मिली है। जांच कराकर मृतकों के वोट निरस्त कराए जाएंगे, जिनके मत लापरवाही से निरस्त हो गए हैं। उनकी रिपोर्ट लगाकर मत बनवा दिए जाएंगे।
ओयो पर कार्रवाई को तीन दिन की मोहलत
मेरठ: योगी सरकार के एक दर्जा प्राप्त मंत्री ने पुलिस प्रशासन के अफसरों को तीन दिन के अंदर ओयो होटलों पर कार्रवाई को कहा है। वहीं, दूसरी ओर जानी थाना क्षेत्र के बागपत रोड सार्थक सिटी में चल रहे ओयो होटल संचालकों ने पांच दिन पहले हुए बवाल के बाद रास्ता बंद कर वहां बनावटी दीवार खड़ी कर दी है। आरोप है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि ओयो होटल में आने वाले युवक-युवतियां कालोनी वालों को नजर न आए।
दरअसल, सार्थक सिटी के ओयो मंडी में तब्दील हो जाने के बाद इस कालोनी की महिलाएं अब पूरी कालोनी में घूम-घूमकर जायजा ले रही हैं, लेकिन ओयो संचालक उनसे भी चार कदम आगे निकले। सार्थक सिटी में जहां दर्जनभर ओयो एक ही कतार में हैं। वहां अब उन्होंने आने जाने वालों पर किसी की नजर न पड़े, इसके लिए दोनों साइडों में बनावटी दीवार खड़ी कर दी है। इससे ये हुआ कि दिन भर कपल का आना जाना लगा रहता है और किसी को कानों कान पता नहीं पाता है।
साथ ही जो भी कपल आते हैं वो कौन से ओयो होटल में गए हैं यह भी कोई पता कर पाता। दरअसल, यह सारा इंतजाम उसी जगह किया गया है। जहां पांच दिन पहले एक घर में बगैर किसी बोर्ड के लगाए घर में संचालित किए जा रहे ओयो होटल में हंगामा हुआ था। वहां पर तीन कपल पकड़े गए थे। जमकर मारपीट हुई थी। मौके पर पुलिस पहुंच गयी थी, यह बात अलग है कि बजाए कार्रवाई को हाथ खोलने के हाथ बांध लिए।
तहरीर के बाद भी कार्रवाई नहीं
नाम न छापे जाने की शर्त पर ओयो के खिलाफ अभियान चलाने वाली महिलाओं ने बताया कि पांच दिन पहले जो घटना हुई थी उसको लेकर तहरीर दिए जाने के बाद भी जानी पुलिस ने ओयो संचालक के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। उल्टा हंगामा करने वाली महिलाओं को ही मुकदमे दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी गई थीं।
दर्जा प्राप्त मंत्री से शिकायत
रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता व किसान नेता विनीत उज्जवल के साथ कालोनी के तमाम लोग जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की थी, योगी सरकार में एक दर्जा प्राप्त मंत्री से मिलने उनके कैंप कार्यालय पर पहुंचे। विनीत उज्जवल ने बताया कि पूरे हालात की जानकारी दी गई। एक ज्ञापन भी दिया गया। दर्जा प्राप्त मंत्री ने इस मामले को लेकर एडीएम सिटी, सीओ सरधना व एसओ जानी से बात की है। कार्रवाई के लिए तीन दिन का वक्त दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के अंदर कार्रवाई नहीं की गयी तो सार्थक सिटी कालोनी के लोगों को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय पर धरना देंगे।

