जनवाणी ब्यूरो
नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार खिंचता जा रहा है। रूस यूक्रेन में अपने मिसाइल और बम से भारी तबाही मचा रहा है। मरने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। युद्ध रोकने के लिए तमाम कोशिशें अब भी जारी हैं। इसी कड़ी में अमेरिका ने रूस के सामने एक पेशकश रखी है। अमेरिका के राजनीतिक मामलों के विदेश मंत्री विक्टोरिया नुलैंड ने कहा है कि अगर रूस यूक्रेन में युद्ध बंद कर देता है, तो मॉस्को के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध हटा लिए जाएंगे।
अचानक स्थिति हो गई थी तनावपूर्ण
बता दें कि शुक्रवार सुबह स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। रूस की बमबारी से यूक्रेन के एनरहोदर शहर में स्थित यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र में आग लग गई थी। प्लांट के डायरेक्टर का कहना था कि फायर फाइटिंग सिस्टम को प्लांट के अंदर आने नहीं दिया जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ देर बाद प्लांट में कई धमाके भी हुए। इस घटना के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से बाइडेन ने की फोन पर बात की थी। जेलेंस्की ने इसके बाद आपातकालीन संबोधन में कहा कि, मॉस्को ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर बमबारी करके चेरनोबिल आपदा को दोहराना चाहता है।
रूस पर लगे हैं कौन-कौन से प्रतिबंध?
यूक्रेन पर हमले के बाद से रूस पर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने कई प्रूरतिबंध लगाए हैं। पश्चिमी देश रूस के सेंट्रल बैंक के एसेट को फ्रीज करना, रूस को स्विफ्ट से बाहर करना, अमेरिका और ब्रिटेन ने रूस के दो सबसे बड़े बैंकों सबरबैंक और वीटीबी बैंक पर कई तरह की रोक लगा रखी है। रूस के कई रईस लोगों की यात्रा पर बैन है। इनकी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने भी ऐसा ही किया है। जर्मनी की बात करें तो उसने भी नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन परियोजना को रोकने की भी बात कही है। पोलैंड, चेक गणराज्य, बुल्गारिया और एस्तोनिया ने रूसी विमानन कंपनियों के लिए अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इसके अलावा दुनियाभर के अधिकतर देशों ने भी रूस पर प्रतिबंध लगा रखा है। अधिकतर ने रूस पर कई राजनयिक प्रतिबंध भी लगा रखे हैं।

