जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है। कई देशों में हालात गंभीर हैं, लेकिन भारत सरकार पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता बरत रही है।
एलपीजी गैस डिलीवरी पर असर
गैस की बुकिंग और डिलीवरी को लेकर सरकार ने हाल ही में नियमों में बदलाव किए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। हालांकि, उन्होंने माना कि खाड़ी देशों में तनाव के कारण डिलीवरी में पहले के मुकाबले थोड़ी देरी हो रही है।
सुजाता शर्मा ने कहा, “जहाँ पहले सिलिंडर 2-3 दिनों में डिलीवर हो जाते थे, अब पैनिक बुकिंग बढ़ने के कारण इसमें 4-5 दिन लग सकते हैं। हमें उम्मीद है कि जल्द ही डिलीवरी की प्रक्रिया फिर से सामान्य हो जाएगी।”
बुकिंग की जानकारी
सरकार के मुताबिक, देश में गैस बुकिंग में कोई रुकावट नहीं है। शहरी क्षेत्रों में गैस सिलिंडर की बुकिंग 25 दिनों के बाद और ग्रामीण इलाकों में 45 दिनों के बाद की जा सकती है। डिलीवरी में मामूली देरी के बावजूद सिलिंडर समय पर मिल जाएगा।
ओटीपी अनिवार्य
एलपीजी सिलिंडर की डिलीवरी के लिए अब ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है। डिलीवरी के समय आपको डिलीवरी बॉय को ही अपना ओटीपी बताना होगा।
सरकार लगातार निगरानी बनाए हुए है और यह सुनिश्चित कर रही है कि एलपीजी गैस की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।

