जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: वेदांता समूह के चेयरमैन और जाने-माने भारतीय अरबपति उद्योगपति अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का बुधवार को निधन हो गया। 49 वर्षीय अग्निवेश अग्रवाल अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्कीइंग के दौरान एक हादसे का शिकार हो गए थे। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट आने से उन्होंने अंतिम सांस ली।
बेटे के असमय निधन से अनिल अग्रवाल और उनका परिवार गहरे सदमे में है। उद्योग जगत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है।
भावुक पोस्ट में बेटे के सपनों और वादे का जिक्र
बेटे के निधन के बाद अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने अग्निवेश के साथ किए गए एक अहम वादे का जिक्र करते हुए लिखा कि उनका बेटा समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहता था। अनिल अग्रवाल ने लिखा, “हमने यह तय किया था कि हम जो भी कमाएंगे, उसका 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज को लौटाएंगे।”
उन्होंने कहा कि अग्निवेश का सपना था कि संपत्ति केवल व्यक्तिगत सुख के लिए नहीं, बल्कि समाज के उत्थान के लिए उपयोग होनी चाहिए। अनिल अग्रवाल ने पोस्ट में बेटे को एक संवेदनशील, दूरदर्शी और सामाजिक जिम्मेदारी को समझने वाला इंसान बताया।
समाजसेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प
अनिल अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि बेटे के निधन के बावजूद वह उसके सपनों और विचारों को जीवित रखेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में योगदान देना उनके जीवन का उद्देश्य रहेगा।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) और परोपकार को लेकर लगातार चर्चा होती रहती है। अनिल अग्रवाल पहले भी कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह कह चुके हैं कि संपत्ति का असली मूल्य उसे समाज में लौटाने में है।
उद्योग जगत में शोक की लहर
अग्निवेश अग्रवाल के निधन की खबर के बाद उद्योग जगत, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक हस्तियों ने गहरा शोक जताया है। कई दिग्गज उद्योगपतियों और नेताओं ने अनिल अग्रवाल और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
एक पिता का दर्द और संकल्प
बेटे की असमय मौत ने अनिल अग्रवाल को गहरे व्यक्तिगत दुख में डुबो दिया है, लेकिन उनके शब्दों से यह साफ झलकता है कि वह अग्निवेश के सपनों को अपनी ताकत बनाएंगे। उनका कहना है कि बेटे की सोच और समाज के लिए उसका विजन ही अब उनके जीवन की प्रेरणा रहेगा।

