Friday, April 17, 2026
- Advertisement -

राकेश शर्मा के बाद एक और इतिहास, ग्रुप कैप्टन Shubhanshu Shukla बने अंतरिक्ष जाने वाले दूसरे भारतीय, माता-पिता हुए भावुक

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारत ने एक बार फिर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में स्वर्णिम इतिहास रच दिया है। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले देश के दूसरे भारतीय बन गए हैं। 41 साल पहले राकेश शर्मा ने जिस गौरवपूर्ण यात्रा की शुरुआत की थी, अब उसे शुभांशु ने नई ऊंचाई दी है।

अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन एक्सिओम-4 के तहत शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष के लिए उड़ान ने देशवासियों की आंखों में गर्व और खुशी के आंसू ला दिए। उनके माता-पिता लखनऊ के कानपुर रोड स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां बेटे की उपलब्धि पर भावुक होकर उन्होंने अपने दिल की बात साझा की।

माता-पिता की भावुक प्रतिक्रिया

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की मां आशा शुक्ला ने कहा, “यह केवल हमारे लिए नहीं, पूरे लखनऊ और देश के लिए गर्व का क्षण है। हर तरफ पोस्टर लगे हैं, लोग बधाई दे रहे हैं। सबसे बड़ी भूमिका हमारी बहू ने निभाई है। उसके सहयोग के बिना शुभांशु यहां तक नहीं पहुंच पाता। हम उसे शुभकामनाएं और आशीर्वाद भेजते हैं।”

https://x.com/ANI/status/1937763835743731900

पिता शंभू दयाल शुक्ला ने कहा?

“हम बहुत उत्साहित और खुश हैं। उसका मिशन सफल हो, यही दुआ है। जब उसके नाम के पोस्टर देखे, तो आंखें भर आईं। वह लखनऊ, उत्तर प्रदेश और पूरे भारत का नाम रोशन कर रहा है। हमें अपने बेटे पर गर्व है।”

भारत के लिए ऐतिहासिक दिन: एसआईए इंडिया अध्यक्ष

एसआईए इंडिया के अध्यक्ष डॉ. सुब्बा राव पावुलुरी ने कार्यक्रम में कहा, “हमारे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जा रहे हैं, यह भारत के लिए महान दिन है। यह न सिर्फ वैज्ञानिक प्रगति है, बल्कि देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।”

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक क्या बोले?

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी शुभांशु शुक्ला को बधाई देते हुए कहा, “आज भारत अंतरिक्ष विज्ञान में नया अध्याय लिख रहा है। यह पूरे राज्य और देश के लिए गौरव का क्षण है। मैं शुभांशु और उनके पूरे परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।”

भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई दिशा

अमेरिकी निजी कंपनी Axiom Space के Ax-4 मिशन के तहत शुभांशु शुक्ला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित किया गया है। यह मिशन मानव अंतरिक्ष उड़ानों में भारत की क्षमता और वैश्विक भागीदारी का प्रतीक है।

देशभर से शुभकामनाओं की बाढ़

सोशल मीडिया पर #ShubhanshuInSpace ट्रेंड कर रहा है। लोग उन्हें न केवल वैज्ञानिक उपलब्धि के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनने पर भी बधाई दे रहे हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

आम की फसलों पर छह कीटों का खतरा

आम की फसल में फूल आने से लेकर फल...

कम लागत की एलोवेरा की खेती

भारत में एलोवेरा की खेती तेजी से लोकप्रिय हो...

तोल-मोल मत करो बस बोलो

कभी-कभी कोई किसी बात पर बिना गहन चिंतन मनन...

पेड़ काट कर धूप से लड़ाई नहीं जीती जाती

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी झूठी हो सकती है, पर नासा...

जनगणना में प्रवासी मजदूर

करीब डेढ़ दशक बाद होने जा रही जनगणना 2027...
spot_imgspot_img