- नहीं थम रहा कारीगरों के सोना लेकर भागने का सिलसिला, सकते में सराफा कारोबारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर सराफा बाजार से कारीगरों के सोना लेकर भागने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे सराफ बाजार के कारोबरी सकते में हैं। अब तक कई करोड़ का सोना लेकर कारीगर भाग चुके हैं। नुकसान हुए सोने के सापेक्ष रिकवरी ना के बराबर है। शनिवार को भी एक कारीगर सोना लेकर भाग गया। देहली गेट थाना क्षेत्र से सराफ का 8.50 लाख का 150 ग्राम सोना लेकर बंगाल निवासी कारीगर फरार हो गया। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। सराफ ने थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
देहली गेट क्षेत्र में धोबी मस्जिद के पास रहने वाले शेख शरीफुल हुसैन ने बताया कि वह दुकानदारों से सोना लेकर सोने के आभूषण बनवाते हैं। इसके लिए उन्होंने कारीगर अपने यहां लगा रखे हैं। जो उनके पास बैठकर मजदूरी पर आभूषण बनाते हैं। पांच अक्तूबर को उन्हें 150 ग्राम के गले का सेट बनाने का आॅर्डर मिला था। उन्होंने यह सोना अपने पास काम कर रहे कारीगर अनिलकुल शेख निवासी गांव बागोजहोरिया, थाना सूर्ति द्वितीय, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल को दिया था। आॅर्डर के अनुसार गले का हार बनाने के लिए कहा था।
अनिलकुल ने 12 अक्तूबर को हार बनाकर देने की बात कही थी। सात अक्तूबर को जब वह बाजार गए हुए थे, तब बिना किसी को कुछ बताए अनिलकुल शेख 150 ग्राम सोना लेकर फरार हो गया। उन्हें घर वापस आने पर पता चला। अन्य कारीगरों ने पूछने पर बताया कि अनिलकुल काफी देर से गायब है। सराफ ने उसे काफी तलाश किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
मेरठ लाए जाएंगे डाक्टर से ठगी करने वाले
मेरठ: गंगानगर स्थित वैलेंटिस कैंसर हॉस्पिटल के डा. अमित से 2.16 करोड़ की ठगी करने वालों को पुलिस नागपुर से मेरठ लेकर आएगी। दरअसल, इस मामले में डाक्टर ने अश्वनी राउत व शैफाली राउत समेत कई पर ठगी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डेनमार्क से मशीन मंगाने की बात कहकर उन्हें फर्जी कागजात भेज दिए गए। एसएसपी के आदेश पर इस मामले में आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्हें मेरठ लाया जाएगा।
जान बचाने वाले पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित
मेरठ: परतापुर में संपत्ति के बंटवारे से नाराज जान देने जा रहे युवक की जान बचाने वाले परतापुर थाना के दो पुलिस कर्मियों तथा पीआरवी पर तैनात दो सिपाहियों को एसएसपी अपने कार्यालय में सम्मानित करेंगे। दरअसल, जान देने का प्रयास करने वाले युवक की कॉल के बाद महज सात मिनट में पीआरवी मौके पर पहुंच गयी थी। इंस्पेक्टर परतापुर राजकुमार सरोज भी वहां आ गए थे और युवक की जान बचा ली थी।

