- दिसंबर में था निकाह मुठभेड़ में मारे जाने से मेरठ में मातम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कुख्यात माफिया अतीक अहमद के बेटे असद का निकाह दिसंबर महीने में बहनोई डा. अखलाक की बेटी अंजुल नूरी से होना था। दोनों ही परिवार तैयारियों में व्यस्त थे, लेकिन उमेश पाल हत्याकांड ने तस्वीर का रूख बदल दिया था।
रही सही कसर झांसी में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए असद ने पूरी कर दी। असद की मौत से मेरठ में अखलाक के परिवार और रिश्तेदारी में मातम छा गया। जिस असद को अपने शौहर के रुप में देख रही थी, उसके सारे सपने पुलिस की गोलियों ने चकनाचूर कर दिये।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद शूटर और बमबाज गुड्डू मुस्लिम भवानी नगर स्थित अतीक अहमद के बहनोई डा. अखलाक के घर आकर रुका था। जहां उसका तहेदिल से स्वागत खुद अखलाक, उसकी पत्नी आयशा नूरी और बेटी उनजुल नूरी ने किया था। एसटीएफ ने इस मामले में अखलाक को गिरफ्तार कर नैनी जेल में भेज दिया था। जबकि उसकी पत्नी और दोनों बेटी को भी मुलजिम बनाया था।
एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि अतीक का बेटा असद भी उमेश पाल हत्याकांड के बाद मेरठ अपने फूफा से मिलने आया था। कुछ दिन रहा भी था। दिसंबर में असद और उनजुल की शादी होनी थी। दोनों ही परिवारों में निकाह की तैयारियां जोरों पर चल रही थी। अतीक अहमद को आजीवन कारावास की सजा मिलने और अखलाक के जेल जाने के बाद से दोनों परिवारों पर संकट छा गया था।
वहीं अतीक की बहन और भांजी फरार चल रही है। भवानी नगर स्थित घर में ताला लगा हुआ है। गुड्डू मुस्लिम के एक वीडियो ने दोनों परिवारों की जिंदगी में जहर घोल दिया। गुरुवार को जैसे ही अखलाक के रिश्तेदारों को पता लगा कि पुलिस ने झांसी के पारीक्षा के जंगल में असद और गुलाम को मुठभेड़ में मार गिराया है, तभी से मातम छा गया है। अखलाक के रिश्तेदारों ने प्रयागराज में फोन करके जानकारी ली।
जैसे ही टीवी चैनलों में एनकाउंटर की खबर चलनी शुरु हुई तभी रिश्तेदारों ने फोन करने शुरु कर दिये। बताया जा रहा है कि किठौर में भी असद का अच्छा खासा नेटवर्क था। असद के किठौर के राधना और दूसरे गांवों में काफी लोगों से दोस्ती रही है। जिनसे अक्सर वो बात करता था। एसटीएफ इन लड़कों की कुंडली खंगाल रही है।

