- अब आयुष पद्धति से घर-घर जाकर करेगी इलाज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: स्वास्थ्य विभाग व समाज के बीच की सबसे मजबूत कड़ी माने जाने वाली आशा बहन जी अब घर घर जाकर विभिन्न रोगों का आयुष पद्धति से इलाज भी करेंगी। इसके लिए उन्हें बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जा रही है। हालांकि काम का बोझ लगातार बढ़ता देख कई आशाओं ने इसका विरोध भी किया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की जनता से जुड़ी सभी योजनाओं के प्रचार-प्रसार का जिम्मा अभी भी इन आशा बहन जी पर ही डाला जा रहा है।

अब नए आदेशों के तहत आशा बहनों को सोमवार से नई ट्रेनिंग की शुरुआत हो गई। इसके तहत सब सेंटर की एएनएम से लेकर आशा संगनी व आशा बहन जी विभिन्नि बीमारियों का आयुर्वेदिक आधार पर इलाज करेंगी। इस संबध में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वो अपने अपने यहां पर एएनएम, आशा संगनियों व आशा बहज जी की विशेष ट्रेनिंग कार्यक्रम सम्पन्न करवाएं।
जिसमें उन्हें आयुष के आधार पर विभिन्न रोगों के इलाज की पूरी जानकारी दी जाए। सोमवार से विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों पर इस तरह की ट्रेनिंग शुरू भी हो गई। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार अब आशा बहन जी अपने-अपने गांवों अथवा अपने अपने क्षेत्रों में गैर संचारी रोगों के साथ साथ अन्य विभिन्न बीमारियों से बचाव के साथ साथ आयुष विधाओं से उनका उपचार सुनिश्चित करेंगी।
इसमें विशेषकर डायबिटीज के मरीजों को शामिल किया जाएगा। आशा बहनों को यह ट्रेनिंग राष्ट्रीय आयुष मिशन के अन्तर्गत दी जा रही है। उधर, कई आशाओं ने इस बात का विरोध भी किया है कि जो भी नई सरकारी योजना आती है। उसे उन्ही के सुपुर्द कर दिया जाता है। जिससे उनका मुख्य कार्य प्रभावित होता है।

