Wednesday, October 27, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutएशिया के सबसे बड़े सराफा बाजार का कारोबार हुआ आधा

एशिया के सबसे बड़े सराफा बाजार का कारोबार हुआ आधा

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  • हर साल त्योहार पर होता था करीब 10 करोड़ का कारोबार
  • इस बार सिर्फ पांच करोड़ के टर्न ओवर की ही उम्मीद

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एशिया का सबसे बड़ा सराफा बाजार कहलाए जाने वाला मेरठ का सराफा अभी तक मंदी की मार झेल रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते लगे लॉकडाउन में आॅनलाइन सोने की डिमांड तो देखी गई, लेकिन सूनी पड़ी सराफा की सड़कों पर अभी तक पहले वाली रौनक नहीं लौटी है। महीनों के लॉकडाउन के बाद सोने के दामों में तेजी आनी शुरू हुई तो वही कारोबार में मंदी का सिलसिला भी शुरू हो गया।

पहले सुनारों को सहालग से काफी उम्मीदें थी, लेकिन सोना चांदी के दामों में हुई तेजी के कारण कारोबार उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। वहीं, इसके बाद सुनार बड़ी बेसब्री से करवाचौथ, धनतेरस और दीपावली की बाट जोह रहे थे। उम्मीदें थी कि त्योहारी सीजन पिछले महीनों का सूखा मिटाएगा, लेकिन इस साल अन्य सालों के मुकाबले कारोबार बिल्कुल आधा रह गया है।

धनतेरस और दीवाली के मौके पर भी शहर सराफा की सड़कों पर पहले वाली रौनक देखने को नहीं मिल रही है। हालात ये है कि सुनारों की दुकानों पर इक्का-दुक्का ग्राहक ही नजर आ रहे हैं। जबकि इन दिनों में हर साल दुकानों पर ग्राहकों की भरमार रहती थी। सुनारों का कहना है कि संक्रमण के चलते जहां लोग आने से कतरा रहे हैं, वही लॉकडाउन के कारण सभी व्यापारियों की कमर टूटी हुई है।

एशिया की सबसे बड़ी मंडी है मेरठ का सराफा

अपनी कारीगरी और गुणवत्ता के लिए मेरठ का सराफा बाजार एशिया में पहले स्थान पर कायम है। शहर का सराफा भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी रखता है, लेकिन लॉकडाउन खोलने के बाद भी त्योहारी सीजन के बावजूद मंडी अभी सूनी पड़ी है। सोने और चांदी के भाव में रोजाना आ रहे बदलावों के कारण सुनारों को खरीदार नहीं मिल पा रहे हैं। सराफा बाजार में बड़े से बड़ा व्यापारी भी इन दिनों ग्राहकों की बाट देख रहा है।

सिर्फ 50 प्रतिशत टर्नओवर की उम्मीद

सराफा बाजार में धनतेरस और दीवाली के मौके पर हर साल करोड़ों का कारोबार होता था। जिससे सुनारों के चेहरों पर भी मुस्कान रहती थी, लेकिन इस बार मंदी के चलते ये कारोबार घटकर 50 प्रतिशत तक ही रह गया है। हर साल तकरीबन 10 करोड़ रुपयों का कारोबार सराफा में त्योहार के मौके पर होता है, लेकिन इस बार सराफा को सिर्फ पांच करोड़ रुपयों के कारोबार की ही उम्मीद है। जो कि हर साल के मुकाबले बिल्कुल आधा है।

ये कहा स्वर्णकारों ने

संत कुमार वर्मा अध्यक्ष सोना चांदी व्यापार संघ कोविड-19 की वजह से हर साल के मुकाबले बिल्कुल आणा कारोबार इस बार रह गया है। त्योहारी सीजन में भी पहले वाली चमक नहीं दिख पाई है। लॉकडाउन में छाई मंदी के बाद सीजन से जैसी उम्मीद थी वैसा कारोबार नहीं मिला है।


सर्वम जौहरी सर्राफ संक्रमण के बाद ग्लोबल मंदी का ये दौर चल रहा है। ऐसे में लोग खरीदारी बेहद कम ही कर रहे हैं। हालांकि अनलॉक के शुरूआती दिनों के मुकाबले कारोबार थोड़ा उठा, लेकिन सीजन में जैसा हर साल कारोबार होता है वैसा नहीं है। सीजन से जैसी उम्मीद थी वैसा कारोबार नहीं मिला है।


प्रिशेन कुमार रस्तोगी, सर्राफ संंक्रमण के कारण अभी तक ग्राहक बेहद कम ही आ रहे हैं। धनतेरस और दीवाली के मौके पर हर साल अच्छा खासा कारोबार होता था, लेकिन इस बार इक्का-दुक्का ग्राहक ही आ रहे हैं। जबकि इन दिनों में हर साल दुकानों पर ग्राहकों की भरमार रहती थी।

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