- पीड़ित पक्ष ने एसएसपी आफिस पहुंचकर लगाए गंभीर आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ब्रह्मपुरी क्षेत्र में मां की हत्या में गवाह बेटी के अपहरण की कोशिश के आरोप लगाकर एसएसपी से शिकायत की गई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि सही समय पर छात्रा के मामा के आ जाने के कारण आरोपी वहां से भाग गए। लिसाड़ी गेट थाने के समर कॉलोनी निवासी सफीकुद्दीन ने गुरुवार को एसएसपी आॅफिस पर बताया कि उसकी बेटी नसरीन की ससुराल पक्ष के लोगों ने दहेज की मांग ना पूरी होने पर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को जेल भेज दिया था। तब से ही कई आरोपी जेल में हैं।
इस मामले में नौ सितंबर को साक्ष्य के लिए सुनवाई होनी है। उसकी नाती इस हत्या में प्रत्यक्षदर्शी गवाह है। फिलहाल वह ब्रह्मपुरी क्षेत्र के एक स्कूल में कक्षा छह में पढ़ रही है। नाना सफीकुद्दीन का आरोप है कि 28 अगस्त की दोपहर को आरोपी पक्ष के कई लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर स्कूल के बाहर छुट्टी का इंतजार कर रहे थे। इनकी योजना नाती के अपहरण की थी। उसी वक्त बेटे सुहैब के स्कूल पहुंच जाने के कारण आरोपी वहां से भाग गए। कप्तान से गवाह की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ अपहरण के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाए।
मारपीट के आरोपियों को तीन वर्ष का कारावास
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज नुसरत खान ने मारपीट करने के आरोप में आरोपी ज्ञानचंद पुत्र रामस्वरूप, अरुण कुमार व सूरज कुमार पुत्र ज्ञानचंद निवासी ग्राम तोफापुर थाना इंचौली को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। सरकारी वकील मोहित गुप्ता ने बताया कि वादी मुकदमा नीलम ने थाना इंचौली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि गत 24 जून 2011 को पीड़िता पति रविंद्र कुमार एवं सास के साथ डॉक्टर के पास दवाई लेने गई थी।
दवाई लेकर जैसे ही वह वापस घर पहुंची तो आरोपियों ने पुरानी रंजिश रखते हुए पीड़िता और उसके पति एवं उसकी सास को रास्ते में रोककर पिटाई शुरू कर दी और उन्हें बुरी तरह से लात-घुसों से पीटा। जिससे उनके काफी चोटे आई थी। घटना के बाद पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर दिया था। न्यायालय में आरोपियों ने कहा कि उन्हें झूठ फंसाया जा रहा है। जिसका सरकारी अधिवक्ता मोहित गुप्ता ने कड़ा विरोध किया और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में कुल नौ गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को देखकर सजा सुनाई।
शिक्षकों पर छात्र को कमरे में बंद कर पिटाई का आरोप
भावनपुर: थाना में एक स्कूल में दो शिक्षकों पर छात्र को कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटने और पिटाई से कान का पर्दा फटने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित छात्र के परिजनों का आरोप है कि थाना पुलिस तहरीर देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही। थाना भावनपुर के गांव भावनपुर निवासी संदीप पुत्र अभेराम ने दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसका पुत्र क्षेत्र के अनुपमा स्कूल में कक्षा नौवीं का छात्र है।
आरोप है कि एक सप्ताह पूर्व स्कूल के प्रधानाचार्य ने उसके पुत्र को दो शिक्षकों के साथ एक कमरे में बेरहमी से पिटाई की। जिसमें इसका कान का पर्दा फट गया। जिसकी रिपोर्ट उन्हें मूलचंद अस्पताल से प्रपात हुई। पीड़ित का आरोप है कि जब इस मामले की तहरीर थाने में दी गई तो थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने थाना पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा एसएसपी से शिकायत करने की बात कही है।

