- शहर सराफा के कारोबारी का बैग काट लाखों की ज्वेलरी उड़ाई
- ई-रिक्शा से डीएम चौराहे पर उतरा था शहर सराफा का कारोबारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में यदि कोई कीमती सामान लेकर यदि घर से बाहर निकल रहे हैं तो पूरी सावधानी बरतें। क्योंकि शहर में महिला ज्वेलर थीफ का गिरोह घूम रहा है। ये कहीं भी किसी को निशाना बना सकती हैं। इनके गिरोह में छह साल की मासूम बच्ची भी है। मंगलवार को शहर सराफा बाजार का एक कारोबारी सचिन रस्तोगी उर्फ सोनू निवासी कृष्णा वाटिका दिल्ली रोड शिकार बना।
यह कारोबारी दोहपर करीब तीन बजे अपने घर से शहर सराफा जाने के लिए निकला। इसके हाथ में एक बैग थे, जिसमें करीब तीन लाख कीमत की सोने की चूड़ियां रखी हुई थीं। बहादुर मोटर्स के सामने से यह ई-रिक्शा में सवार हुआ। शारदा रोड पहुंचने पर दो महिलाएं व एक छह साल की बच्ची भी ई-रिक्शा में सवार हो गयी। सचिन गुप्ता डीएन चौराहे पर ई-रिक्शा से उतर गए। पैदल ही वो अपने प्रतिष्ठान पहुंचे।
जब इन्होंने अपना बैग टटोला तो उसमें रखी सोने की चूड़ियां गायब थीं। बैग काटकर सोने की चूड़ियां साफ कर दी गयीं थी। इन्होंने मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों को वारदात की सूचना दी। उसके बाद तमाम सराफा कारोबारी थाना रेलवे रोड पहुंचे। वहीं, इस संबंध में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। रेलवे रोड थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरोह की तलाश की जा रही है।
मां से करता था मारपीट, इसलिए मार डाला
मेरठ: क्षेत्र के ईशापुरम में घर में कहासुनी में बेटे को चाकू घोंपकर मार देने वाले फरार चल रहे पिता हवा सिंह को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। ईशापुरम निवासी शीतल उर्फ साक्षी पत्नी दीपक ने गत एक अप्रैल को पति की हत्या के सम्बन्ध में थाना गंगानगर पर धारा 302 में ससुर हवा सिंह पुत्र चरणसिंह के खिलाफ पति दीपक की चाकू मारकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। अभियुक्त हवा सिंह ने घटना को स्वीकार करते हुए घटना के समय पहने हुए कपड़े जिन पर रक्त लगा हुआ है, बरामद कराए हैं।
पूछताछ में हवा सिंह ने खुलासा किया है कि फौज में नौकरी के दौरान घटना में प्रयुक्त चाकू देहरादून से खरीदा था, जो घर पर ही बक्से में रखा था। हवा सिंह व दीपक में मकान को नाम कराने को लेकर झगड़ा हुआ था। कुछ समय पहले दीपक ने पिता हवा सिंह का गिरेबान पकड़ लिया था व दीपक मां से झगड़ता रहता था। घटना वाले दिन भी दीपक मां से बदतमीजी कर रहा था।
हमले के मुख्य आरोपी सहित तीन हमलावर पकड़ से दूर
कंकरखेड़ा: गाजियाबाद के वसुंधरा कालोनी निवासी आर्यमन यादव अपने पिता उपेंद्र यादव से रुड़की रोड स्थित छठी वाहिनी पीएसी में मिलकर मर्सिडीज कार से घर जा रहे थे। उपेंद्र यादव छठी पीएसी में असिस्टेंट कमांडेंट हैं। कंकरखेड़ा में हाइवे पर कैलाशी हॉस्पिटल के पास फ्लाईओवर के ऊपर पहुंचते ही सीलेरो कार सवार पांच युवकों ने ओवरटेक कर मर्जिडीज रोकी और आर्यमन यादव को बेवजह पीटा। मर्जिडीज के शीशे तोड़ दिए थे।
आर्यमन यादव की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दो हमलावर न्यू सैनिक विहार निवासी बादल और पंकज को धर दबोचा। बाकी तीन हमलावर फरार हो गए थे। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पीड़ित आर्यमन यादव ने बताया कि हमले का मुख्य आरोपी जावेद है। इंस्पेक्टर विष्णु कौशिक का कहना है कि पुलिस टीम बाकी हमलावरों की तलाश में दबिश दे रही है। जल्द ही फरार हमलावर गिरफ्तार होंगे।
13 साल पहले शादी, 12 साल का बेटा, आशिकी पड़ी महंगी
मेरठ: घर में ब्याहता पत्नी और 12 साल का बेटा होते हुए गंगानगर के एक शख्स से युवती के साथ प्रेम की पींगे बढ़ाना भारी पड़ गया। दरअसल, युवती भी उसी कालोनी में जाकर किराए पर कमरा लेकर रह रही थी जहां उसका प्रेमी किराए पर रह रहा था। बताया जाता है कि युवती की मां को बेटी का यह प्रेम संबंध रास नहीं आ रहा था। वह पहले भी इसका विरोध कर चुकी थी। युवती के घर में इसको लेकर मां के साथ कई बार क्लेश भी हो चुका था।
युवती व उसकी मां के बीच सड़क पर मारपीट हो गयी। राह चलते लोग वहां जमा हो गए। उन्होंने किसी प्रकार दोनों को अलग कराया। युवती ने कहा कि वह बालिग है और युवक के साथ रहना चाहती है। मां व अन्य ने युवती को बहुत समझाया, लेकिन वो प्रेमी के साथ रहने पर अड़ गयी। मामले की सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और तीनों को थाने ले गए। उधर, पुलिस ने युवक का शांतिभंग में चालान करते हुए कार्रवाई की।

