- अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में डीएम दीपक मीणा के आदेश पर की गई कार्रवाई
जनवाणी संवाददाता |
जानीखुर्द: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में डीएम दीपक मीणा के आदेश पर जानी व सिंघावली सराय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बागपत के हिस्ट्रीशीटर बदमाश की 60 लाख की संपत्ति को कुर्क की गई। पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। थाना जानी जनपद मेरठ पुलिस तथा थाना सिम्भावली अहीर जनपद बागपत पुलिस द्वारा धारा 14(1) गिरोह बन्द एवं असमाजिक क्रिया किलाप निवारण अधिनियम 1986 के अन्तर्गत दो अदद प्लांट कुल अनुमानित कीमत 59,33762 रुपये की जब्ती की प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए एनकाउंटर से लेकर बुलडोजर चलाएं जा रहे हैं।
इसी कड़ी में बागपत जिले के थाना सिंघावली अहीर के गैंगस्टर विनोद पुत्र को बृजपाल निवासी बिलोचपुरा के खिलाफ अपराध की रोकथाम के लिए चलाये जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को डीएम दीपक मीणा के आदेश व न्यायालय के अनुपालन में जानी व सिंघावली बागपत पुलिस ने गिरोह बंद एवं असामाजिक क्रिया किलाप निवारण अधिनियम के अन्तर्गत कार्रवाई की है। कार्रवाई में दो अदद प्लांट जिसमें एक प्लांट गोपाल विहार, मलियाना स्थित कुल भूमि 418.06 वर्ग मीटर व दूसरा आवासी क्षेत्रफल 66.70 वर्ग गज अभियुक्त विनोद पुत्र ब्रजपाल निवासी गांव बिलोचपुरा थाना सिम्भावली अहीर जनपद बागपत का कुर्क कर आवश्यक कार्रवाई की गयी।
उपरोक्त दोनो प्लॉटों की अनुमानित कुल कीमत 59,33762 रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई में क्षेत्राधिकारी सरधना संजय जायसवाल तथा नायब तहसीलदार विनीता रानी व लेखपाल मनोज कुमार, जानी थानाध्यक्ष पंकज सिंह व चौकी प्रभारी सुभारती प्रमोद कुमार व थानाध्यक्ष सिंघावली अहीर जनपद बागपत की मौजूदगी में की गयी।
जानलेवा हमले के मामले में एसएसपी ने क्राइम ब्रांच को सौंपी जांच
मेरठ: लाल कुर्ती क्षेत्र के युवक अरमान पर हुए जानलेवा हमले के मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी हैं। पीड़ित परिवार ने विवेचक और आरोपी के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया गया था। उनका कहना था कि नामजद आरोपियों पर पुलिस ने मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए खानापूर्ति की है। लाल कुर्ती निवासी युवक अरमान पर 30 जुलाई की रात कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। जिसमें उसे गंभीर चोट आई थी। परिवार ने फैजान, इस्माइल अय्यूब, शाहबाज उर्फ नमीर, टिंकू उर्फ शाहनवाज, आदिल और हैदर पर मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गंभीर चोट होने के बावजूद भी हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
अरमान के चाचा अफजल ने पुलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह से मिलकर पूरी घटना से अवगत कराया और कुछ साक्ष्य भी उन्हें दिए। उन्होंने आरोप लगाया था कि विवेचक साक्ष्यों को छिपाकर कर कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही उन पर समझौते का भी दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद एसपी सिटी ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए उच्च अधिकारियों को जांच ट्रांसफर कराए जाने की संस्तुति की। मंगलवार को एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने क्राइम ब्रांच को यह जांच सौंप दी है।

