जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: नेपाल में आज से नए राजनीतिक युग की शुरुआत हो गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता बालेंद्र शाह को नेपाल का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया और उन्होंने इसी पद की शपथ भी ग्रहण की। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शाह को प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सत्ताधारी RSP ने बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नई सरकार के लिए 14 मंत्रियों के नाम फाइनल किए हैं। इसमें सुदन गुरुंग को देश का गृह मंत्री बनाए जाने की संभावना है। गुरुंग, जो जेन जी आंदोलन के दौरान चर्चा में आए थे, गोरखा-2 सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं।
आरएसपी संसदीय दल का नेता बनने के बाद पीएम बने शाह
गुरुवार को RSP ने बालेंद्र शाह को अपने संसदीय दल का नेता चुना था, जिससे उनके 47वें प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। RSP ने हाल के संसदीय चुनावों में लगभग दो-तिहाई बहुमत हासिल किया था।
बालेंद्र शाह ने शुक्रवार को दोपहर 12:34 बजे राष्ट्रपति कार्यालय में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। यह समारोह हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार आयोजित किया गया, जिसमें सात शंखनादकों ने शंख बजाकर शुभकामनाओं का प्रतीक प्रस्तुत किया।
पूर्व पीएम को रिकॉर्ड मतों से हराया
शाह ने पूर्वी नेपाल के झापा-5 में पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को 49,614 वोटों के अंतर से हराया। शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि ओली को 18,734 वोट। यह 1991 के बाद नेपाल के संसदीय चुनावों में किसी उम्मीदवार को मिले सबसे अधिक वोट हैं। शाह ने 2022 में काठमांडू के मेयर के चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर राजनीति में कदम रखा और जीत हासिल की।
इंजीनियरिंग में शिक्षा और प्रशासनिक विशेषज्ञता
27 अप्रैल 1990 को काठमांडू के एक मधेसी परिवार में जन्मे बालेंद्र शाह ने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। इसके पहले उन्होंने काठमांडू में बैचलर डिग्री पूरी की। इंजीनियरिंग में उनकी तकनीकी विशेषज्ञता ने उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास और पब्लिक वर्क्स में व्यावहारिक समझ दी और काठमांडू मेयर के रूप में उनकी प्रशासनिक कार्यशैली को सुदृढ़ किया।

