- प्रदूषण के स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: शहर की आबोहवा में फिर से जहर घुलने लगा है। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ना शहर की आबोहवा को खराब कर रहा है। महानगर में एक्यूआई का स्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदूषण फिर से महानगर वासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
अगर समय रहते इसके लिए कदम नही उठाए गए तो प्रदूषण का स्तर बढ़ने से सांस लेने में भी दिक्कत हो जाएगी। हालांकि गन्ना पेराई का सत्र भी शुरू होना है। ऐसे में कोल्हू संचालकों द्वारा कोल्हुओं में पन्नी जलाई जा रही है। जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। वहीं, हरियाणा ओर पंजाब में किसानों द्वारा पराली जलाने के कारण मौसम में आबोहवा को खराब कर देते है।
पिछले वर्ष पराली जलने से इन दोनों राज्यों के अलावा अन्य राज्यों को भी प्रदूषण की परेशानी से गुजरना पड़ा था। अगर प्रदूषण विभाग के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो महानगर में गंगानगर का एक्यूआई 256 जयभीमनगर का एक्यूआई 318 और पल्लवपुरम का एक्यूआई 286 है।
जबकि मेरठ शहर का एक्यूआई 286 है। अगर आंकड़ों पर बात की जाए तो महानगर में इन तीनों स्थानों पर लगे सिस्टम में अगर एक्यूआई की मात्रा 100 हो तो वह शहर के लिए ठीक है, लेकिन इन तीनों स्थानों पर एक्यूआई का लगातार बढ़ना बेहद खतरनाक साबित होगा। क्योंकि महानगर में ऐसे तो सांस लेने में भी दिक्कत होगी।
अगर हम एनसीआर के जनपदों के आंकड़ों पर निगाह डाली जाए तो मेरठ उसमें भी प्रदूषण के स्तर पर अव्वल है। अगर प्रदूषण की प्रदूषण की यही स्थिति रही तो महानगर में विकट स्थिति हो जाएगी।
लॉकडाउन में थी प्रदूषण की बेहतर स्थिति
महानगर का प्रदूषण स्तर लॉकडाउन में बेहद अच्छा हो गया था। अनलॉक-4 तक भी महानगर की स्थिति बेहतर थी, लेकिन अब प्रदूषण की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है। जिसके चलते अब महानगर में प्रदूषण का लेवल समस्या बनता जा रहा है।
शहरों में प्रदूषण का स्तर
- मेरठ 286
- हापुड़ 208
- गाजियाबाद 236
- ग्रेटर नोएडा 224
- नोएडा 226
- मुजफ्फरनगर 253
- बागपत 284
- गुड़गांव 186
- मुरादाबाद 296
प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए लगातार मॉनिटीरिंग की जा रही है। अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए गए है। लॉकडाउन के बाद से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हुई है। इसे कम करने के लिए विभाग द्वारा प्रयास किए जा रहे है।
-योगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी
दिन में गर्मी रात में सर्दी का एहसास
गर्मी का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि सुबह और रात में सर्दी का एहसास जरूर होने लगा है, लेकिन अभी भी तापमान 35 डिग्री के ऊपर चल रहा है। जिसके चलते दिन में गर्मी का एहसास बना हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले एक सप्ताह में गर्मी के प्रकोप से निजात मिलेगी और मौसम में ठंडक का एहसास होगा। राजकीय मौसम वैधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 68 और न्यूनतम आर्द्रता 27 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा का रुख सुबह शांत रहा और शाम को चार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंका गया। मौसम वैज्ञानिक डा. एम शमीम अहमद का कहना है कि एक सप्ताह में सर्दी का एहसास होगा। मौसम में लगातार परिवर्तन देखने को मिलेगा। तापमान के बढ़ने के कारण गर्मी का एहसास बना हुआ है। धीरे-धीरे तापमान में कमी आएगी।


