- बाजार में 160 से लेकर ढाई हजार रुपये किलो रेट की खजूरें, इजराइल की खजूरों से मुंह मोड़ा
- दुबई, ईरान, ईराक, सऊदी अरब, टयूनिशिया की खजूरों से सजे बाजार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुकद्दस रमजान शुरू होने में चंद घंटे बाकी रहे गए हैं। मुसलमान सहरी से लेकर इफ्तार में खाई जाने वाली चीजों की खरीदारी में जुट गए हैं। बाजार दुबई, ईरान, ईराक, सऊदी अरब, टयूनिशिया की खजूरों से सज गए हैं। बाजार में 160 से लेकर दो हजार रुपये प्रति किलो के दामों की खजूरें उपलब्ध हैं। बहिष्कार के चलते व्यपारियों ने भी इस बार इजराइल खजूरों से मुंह मोड़ लिया है। बाजार में 160 रुपये प्रति किलो से लेकर ढाई हजार रुपये प्रति किलो तक की खजूरों उपलब्ध है।
मुकद्दस रमजान में रोजेदार इफ्तार के वक्त खजूर खाकर रोजा खोलते हैं। खजूर नबी ए पाक का सबसे पसंददीदा फल था। नबी ए पाक खजूर से रोजा खोलते थे। इसलिए खजूर से रोजा खोलना सुन्नत हैं। इसका भी सवाब मिलता है।
रमजान में सर्वाधिक बिक्री खजूरों की होती है। इस बार बाजार में सऊदी अरब, ईरान, ईराक, टयूनिशिया के अलावा दुबई की खजूरें भी बाजार में उतारी गई हैं। सबसे महंगी सऊदी अरब की अजवा खजूर है, जिसे नबी ए पाक खाते थे। अजवा खजूर सबसे महंगी है। इसका रेट डेढ़ हजार रुपये प्रति 800 ग्राम का है।
पिछल्ले साल के मुकाबले इस साल खजूरों के दामों में करीब बीस प्रतिशत का उछाल आया है। ऐसे में रोजेदारों की जेब पर खजूर का खर्च भारी पड़ेगा। खजूर के थोक विक्रेता मोहम्मद आरिफ का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष खजूर के दामों में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बाजार में 160 रुपये से लेकर ढाई हजार रुपये प्रति किलो की खजूर उपलब्ध है। बाजार में ईरान, ईराक, सऊदी अरब, टयूनिशिया के अलावा इस साल दुबई की खजूरे भी उपलब्ध हैं।
फलिस्तीन में सैन्य कार्रवाई करने से खफा होकर मुस्लिमों ने इस बार रजमान में इजराइल की खजूरों का बाहिष्कार करने का ऐलान किया है। इस वजह से इजराइल की खजूर इस बार बाजार में नहीं आई। फल विक्रेता सद्दाम का कहना है कि इस बाजार में अजवा खजूर के बाद दुबई की मेडजोल खजूर दूसरे नंबर की महंगी खजूर है। इसके अलावा सऊदी की अरब की सबसे ज्यादा खजूर बाजार में उपलब्ध हैं।

खजूरों की रेट लिस्ट
ईरान की कच्ची-पक्की 160 रुपये प्रति किलो
बसरा की सस्ती 160 रुपये प्रति किलो
ईरान की अलकता 160 रुपये प्रति किलो
कीमिया 300 रुपये प्रति किलो
कीमिया गोल्ड 350 रुपये प्रति किलो
टयूनिशिया की बरारी 400 रुपये प्रति किलो
सऊदी अरब की कलमी 800 रुपये प्रति किलो
मदीने की अजवा खजूर 2500 रुपये 800 ग्राम
दुबई की मेडजोल 2000 रुपये प्रति किलो
सऊदी में दिखा चांद, यहां आज उम्मीद
सऊदी अरब में रविवार देर शाम रमजान के चांद का दीदार हो गया। चांद दिखते ही सऊदी अरब में तरावीह का दौर शुरू हो गया। उधर सोमवार को भारत में चांद के दीदार की पूरी उम्मीद है। बताते चलें कि अमूमन सऊदी अरब में चांद दिखने के अगले दिन भारत में चांद दिखाई दे जाता है।
चांद पर फैसला करने के लिए सोमवार को गुजरी बाजार स्थित ऊंची मस्जिद में शहर काजी प्रो. जैनुस साजेदीन की अध्यक्षता में रुयत ए हिलाल (चंद कमेटी) की बैठक होगी। यह बैठक शाम मगरिब की नमाज के बाद शुरू होगी। बैठक में ईदगाह कमेटी से जुड़े लोग भी शामिल होंगे।
जामा मस्जिद और ईदगाह में ईशा की नमाज 8:15 बजे
रमजान का चांद दिखते ही शाही जामा मस्जिद और शाही ईदगाह में ईशा की नमाज रात सवा आठ बजे से होगी। उसके बाद तरावीह और शबीनों का दौर शुरू हो जाएगा। कारी शफीक उर रहमान कासमी के अनुसार शाही जामा मस्जिद में पिछले 38 सालों की तरह परंपरागत तरीके से इस बार भी छह दिन का शबीना पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा शाही ईदगाह में भी शबीने का दौर चलेगा।
उधर, कारी शफीक उर रहमान ने नमाजियों से हर स्तर पर एहतियात बरतने की भी अपील की है। उन्होंने आगाह किया कि असामाजिक तत्व हर वक़्त माहौल को खराब करने की कोशिश में है। इसके अलावा शाही ईदगाह में भी परंपरागत पांच दिन का शबीना लिसाड़ी ईदगाह के काजी कारी अफ्फान कासमी पढ़ाएंगे। कारी अफ्फान कासमी के अनुसार शाही ईदगाह में भी ईशा की नमाज रात सवा आठ बजे से होगी।

