जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: थाना मेडिकल थानांतर्गत जागृति विहार स्थित भागमल ज्वेलर्स में हुई लूट को सीतापुर जेल में बंद कपिल बक्सर के इशारे पर की गई थी। उसके साथी अनुज उर्फ बंटी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था।
इस काम में के ब्लाक निवासी तरुण ने मदद की थी। बीती रात पुलिस ने एक आरोपी को पैर में गोली मारकर घायल कर दो बदमाशों को गिरफ्तार किया था जबकि उसके दो साथी भागने में सफल हो गए थे।
पुलिस ने बताया कि अमन जैन की हत्या में तरुण ठाकुर नामक संदिग्ध से पूछताछ करने पर उसके द्वारा बताया गया की घटना में उसके साथी अनुज और तीन अन्य साथी शामिल थे।
अनुज उसके साथी घटना के पहले उससे मिले थे और रेकी के लिए कहा था कि वहां सीसीटीवी कैमरे आदि है या नहीं। फिर घटना के दिन जब वहां पर सतीश जैन दुकान पर अकेले रह गये तब इसके द्वारा इशारा किया गया।
अनुज और उसके तीन साथी आए और वहां पर घटना को अंजाम दिया। तरुण ठाकुर ने पूछताछ में यह भी बताया कि उसको 25000 रुपए मिले थे, बाद में इससे 20000 रुपए बरामद हुए और पांच हजार रुपए खर्च होने की बात की।
उससे अनुज आदि ने कहा था कि उनको लूट में लगभग 5 लाख रुपए मिले थे। तरुण ठाकुर से पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच, थाना प्रभारी नौचंदी और थाना प्रभारी मेडिकल की संयुक्त टीम के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ में अभियुक्त अनुज पुलिस की फायरिंग में घायल हो गया।
पुलिस ने उसके पास से बाइक पल्सर 150सीसी रंग काला, 32 बोर की पिस्टल कई कारतूस और कुल लगभग साढे तीन लाख रुपए की बरामद किये हैं। बदमाश अनुज के खिलाफ लगभग एक दर्जन से अधिक तथा तरूण पर आधा दर्जन मुकदमे चल रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि सीतापुर जेल में बंद कपिल बक्सर और अनुज और बंटी का नाम गंगा नगर में पूर्व में हुई दो हत्याओं में भी आया था।
अनुज कई बार जेल में मिलने भी गया था और उसे जेल में पैसे भी पहुंचाये थे। एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने बताया कि लूट को अंजाम देने वाले चार बदमाशों में से दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी फरार दो अन्य बदमाशों को पकड़ने के लिये पुलिस की कई टीमें काम कर रही है। बहुत जल्द बाकी बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।
मृतक के पिता ने कहा पुलिस ने जानकारी नहीं दी
भागमल ज्वैलर्स की दुकान में हुई लूट और हत्या का खुलासा होने पर पीड़ित सर्राफ सतीश चन्द्र जैन ने बताया कि अभी तक उनको पुलिस ने ठीक से जानकारी नहीं दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस भले साढ़े तीन लाख रुपये लूट की बात करे लेकिन उनकी दुकान से दस लाख रुपये नगद लूटे गए हैं। उन्होंने पुलिस की इस कहानी को सिरे से नकारते हुए कहा कि उनका बेटा अमन बदमाश तरुण ठाकुर को जानता था। हालांकि चार थानों के प्रभारी बुधवार को पीड़ित सर्राफ से मिले और उनसे काफी देर तक बात की थी।

