Wednesday, April 1, 2026
- Advertisement -

पूर्व मंत्री संजय गर्ग के भाजपा में आने से सपा को बड़ा झटका

  • भाजपा की सदस्यता लेने पर समर्थकों में खुशी की लहर

अवनीन्द्र कमल |

सहारनपुर: समाजवादी पार्टी को सहारनपुर में एक और बड़ा झटका लग गया। दरअसल, दो बार के मंत्री और तीन बार विधायक रह चुके कद्दावर नेता और वैश्य समाज मेें गहरी पैठ रखने वाले संजय गर्ग दल-बल के साथ बुधवार को राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इसी के साथ उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। समझा जाता है कि संजय गर्ग को निकट भविष्य में संगठन या फिर सरकार में कोई अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। वैसे भी संजय जैसे ताकतवर नेता के आने से भाजपा को मजबूती मिलेगी।

बता दें कि सबसे पहले जनवाणी ने ही यह संकेत दिए थे और खबर में उल्लेख किया था कि पूर्व मंत्री और सपा नेता संजय गर्ग जल्द भाजपा में शामिल हो सकते हैं। थोड़ा देर ही सही लेकिन, संजय दुरुस्त आए। जहां तक संजय के राजनीतिक सफर की बात है तो वह शुरू से सेक्युलर मिजाज रहे। पहले दो वह सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में तल्लीन रहे। वन गुर्जरों की लड़ाई लड़ी। महिला अधिकारों को लेकर आंदोलित रहे।

फिर काजी रशीद मसूद की कक्षा में भर्ती हुए और लंबे समय तक सियासत की सीढ़ियां चढ़ते रहे। वह सपा की सरकार में लोक निर्माण राज्य मंत्री रहे। फिर एक बार पाला बदला और बसपा में चले गए। फिर उन्हें मंत्री पद से नवाजा गया। सदर सीट से संजय गर्ग तीन बार विधायक रहे। काफी पढ़े-लिखे और अच्छे वक्ता के रूप में उनकी पहचान रही है। हाल ही मेें उन्हें दुबई में सम्मानित किया गया। उनकी झोली में साहित्यकारों की मानिंद सैकड़ों ईनाम-पुरस्कार हैं।

बहरहाल, संजय गर्ग का चमकदार राजनीतिक इतिहास है। अब रही बात उनकी भाजपा मेें आने की तो संजय जैसे घुटे हुए नेता ने बहुत सोच-समझकर कदम उठाया। सूत्रों का कहना है कि संजय गर्ग को कुछ समय से सपा में घुटन हो रही थी और उन्हें यहां अपना भविष्य नजर नहीं आ रहा था। इसलिए उन्होंने संघ के नेताओं से संपर्क साधा। नरेश बंसल से लेकर बीएल संतोष और संगठन के बड़े नेता सुनील बंसल से मुलाकात के बाद संजय की इंट्री लगभग तय हो गई थी।

बहरहाल, लखनऊ में भाजपा में शामिल होने पर संजय गर्ग के समर्थक चहक उठे हैं। उनके स्वागत की तैयारियां चल रही हैं। लखनऊ गए भाजपा के पश्चिम के मीडिया सह संयोजक गौरव गर्ग ने बताया कि संजय गर्ग जैसे कद्दावर नेता भाजपा को और मजबूती पहुंचाएंगे। फिलहाल, इस राजनीतिक घटनाक्रम से पश्चिमी उप्र में हलचल है। संजय गर्ग का सपा का साथ छोड़ना मामूली घटना नहीं है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

डीपफेक पूरी तरह नकारात्मक नहीं

हम उस युग में रह रहे हैं जिसे विशेषज्ञ...

बुनियादी शिक्षा को खोना सही नहीं

वी गर्ग विद्यार्थियों को अपनी रुचियों के अनुसार आगे बढ़ने...

लड़कियों को शिक्षित करने का महत्व

डॉ विजय गर्ग शिक्षा केवल एक मौलिक अधिकार नहीं...

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना

एक सप्ताह बाद गुड़की घर पर आया। मैंने पूछा,...

अर्थव्यवस्था के लिए बढ़ सकतीं हैं मुश्किलें

अगर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष चलता...
spot_imgspot_img