- आंधी-बारिश ने खोली पीवीवीएनएल अफसरों के दावों की पोल, गर्मी ज्यादा नहीं, फिर भी अंधाधुध कटौती
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शुक्रवार की रात अचानक आयी आंधी व बारिश ने उपकरणों खासतौर से लाइनों के रखरखाव को लेकर किए जा रहे पीवीवीएनएल अफसरों के दावों की पोल खोलकर रख दी। शुक्रवार रात करीब 9 बजे अचानक आए तूफान से शहर के भर में ब्लैक आउट हो गया। बिजली का कट रात 9 बजे आंधी तूफान के आने के साथ ही लग गया और तमाम इलाकों में काम से कम तीन घंटे तक बिजली गुल रही। लोगों ने शिकायत की कि लाइट जाने के करीब एक घंटे बाद जब उन्होंने पास के बिजलीघर पर काल किया तो किसी ने रिप्लाई नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि कुछ देर इंतजार करने के बाद जब माधवपुरम इलाके के बिजलीघर पर पहुंचे तो वहां ताला झुल रहा था। एक कर्मचारी जो बाहर बैठा था, उसने जानकारी दी कि लाइन पर काम करने के लिए गए हैं। ऐसा केवल दिल्ली रोड बिजलीघर से जुडेÞ इलाकों के साथ नहीं हुआ। कोतवाली, लिसाड़ीगेट, देहलीगेट, ब्रह्मपुरी आदि से सटे तमाम इलाकोें की बत्ती गुल हो गयी थी। वहीं, दूसरी ओर आंधी तूफान के दौरान कई जगह पेड़ टूटकर लाइन पर गिर जाने की भी सूचना मिलीं हैं। इसके अलावा आंधी के दौरान कुछ मकानों की छतों से कुछ सामान हाइटेंशन लाइनों पर गिरने की वजह से लाइट कट जाने की खबरें हैं।
रात में लंबे समय तक लाइट न आने की वजह से लोग बुरी तरह से परेशान रहे। मई का महीना है और अभी गनीमत है कि मौसम कुछ मेहरबान है। गर्मी तो पड़ रही है, लेकिन लू सरीखे हालात नहीं। ऐसा भी नहीं कि गर्मी बर्दाश्त के बाहर हो। मौसम के लिहाज से बरती जा रही रियायत के चलते मई के महीने में जितनी डिमांड होनी चाहिए उतनी इन दिनों में नहीं है। पिछले पांच दिनों से मौसम की कुछ मेहरबानी है, लेकिन डिमांड कम होने के बाद भी पीवीवीवीएनएल वाले मेहरबान नजर नहीं आ रहे है।
उधर, लोगों ने बताया कि विद्युत नगरीय वितरण खंड तृतीय रंगोली शास्त्री नगर मेरठ के सब डिविजन सेक्टर-4 में पिछले 2 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित हैं जिसके विषय में जेई सौरभ श्रीवास्तव को लगातर फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया परंतु जेई ने फोन नहीं उठाया। बिजली घर के नम्बर बिजी है। पूरे जनपद में शहर और ग्रामीण इलाकों की बत्ती गुल कर दी गयी है।
अंधाधुंध कटौती का सिलसिला जारी है। इस सप्ताह में बिजली की अंधाधुंध कटौती की जा रही है। एक दिन पहले की यदि बात करें तो ऊर्जा भवन से बताया गया कि एक दिन पहले भूसा मंडी फीडर में सुबह 8 बजे से 2 बजे तक 6 घंटे तक बिजली नहीं रही। सदर के भैंसाली व भूसा मंडी इलाके के बंगला नंबर 198, 199, 200, 201, 240, दाल मंडी, वेस्ट एंड रोड पर विद्युत आपूर्ति बाधित रही। 1000 केवीए के परिवर्तक पर मरम्मत कार्य के चलते शहर के कोतवाली के एक बडेÞ हिस्से की लाइट गुल रही।

इसके अलावा काजीपुर उपकेंद्र क्षेत्र में लाइनों के सुदृढ़ीकरण के चलते 100 फुटा रोड, सोना गार्डन, जामिया रेजीडेंसी, समर गार्डन, उज्जवल गार्डन, एक मीनारा मस्जिद आदि क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक 3 घंटे तक बिजली गुल रही। बिजली की आंख मिचौनी से शहर के तमाम लोग परेशान रहे। देव लोक कॉलोनी, बृह्मपुरी, सुनारों की धर्मशाला, सदर, सिविल लाइन, न्यू प्रभात नगर, साकेत, सर्वोदय कालोनी, एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, शिवाजी पार्क, बुढ़ाना गेट इलाके में भी कटौती की जानकारी दी गयी।
रात में झमाझम बारिश
मोदीपुरम: शहरवासी दिन भर भीषण गर्मी में पसीने से तरबदर रहे, लेकिन शाम को मौसम ने करवट बदली और आंधी तूफान के साथ झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। इस समय में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम में बदलाव के बीच तापमान बढ़ने के साथ शुक्रवार का दिन गर्म दिखाई दिया। दिन में मौसम गर्म रहा और रात में भी तापमान बढ़ गया।
मई के आने वाले दिन गर्मी में काटने मुश्किल होंगे। गर्मी तेज होगी और लू की तपिश परेशान करेगी। दो दिन राहत के बाद शुक्रवार को भी मौसम गर्म दिखाई दिया। दिन में तापमान बढ़ा और गर्मी में लोग बिलबिलाते हुए दिखे। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने से गर्मी का अहसास बढ़ता जा रहा है। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अधिकतम आर्द्रता 55 व न्यूनतम 37 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि गर्म हवा चलने से तापमान बढ़ेगा और रात में भी दो डिग्री के बढ़ने के असार है। गर्मी 15 मई के बाद और तेजी से बढ़ेगी। तापमान में दो दिन बाद फिर बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार को मेरठ का एक्यूआई 138, बागपत का 117, गाजियाबाद का 136, मुजफ्फरनगर का 159, जयभीमनगर का 178, गंगानगर का 120, पल्लवपुरम का 116 दर्ज किया गया। प्रदूषण का असर ऐसे ही बना रहेगा। हवा रुकने से और बढ़ोतरी के आसार है।
बत्ती गुल तो पानी भी नहीं
कारण भले ही कुछ भी था लेकिन बत्ती गुल कर दी गई तो लोग बूंद-बूंद पानी को भी तरस गए। हालांकि शहर के पुराने इलाकों की बात करें जहां पानी की पुरानी पाइप लाइनें हैं, वहां बत्ती के आने जाने पानी की सप्लाई पर पहले असर नहीं पड़ता था, लेकिन जब से लोगों ने पानी खींचने वाली मोटर लगवा ली हैं, तब से पानी की समस्या है। यदि लाइट चली जाती है तो पानी भी गायब हो जाता है। जबकि दूसरे इलाकों की यदि बात करें तो पानी तभी आता है जब लाइट होती है।
- कटौती नहीं, कार्य
बिजली की कटौती नहीं की जा रही है, कई बार कार्य होने की वजह से शट डाउन लेना होता है। ऐसा इसलिए ताकि जब डिमांड ज्यादा हो मसलन अधिक गर्मी हो तब उपभोक्ता परेशानी न हों। -धीरज सिन्हा, चीफ (नगरीय)

