
विवेक शर्मा
खानपान, रहन-सहन और आचार-व्यवहार का हड्डियों की सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यौवन में खूबसूरत लम्हे पार करने के बाद हड्डियों की ताकत घटती जाती है। हड्डियों की कमजोरी आस्टियोपोरोसिस कहलाती है। हड्डियोंं की तंदुरूस्ती पर ध्यान नहीं दें तो वे अंदर ही अंदर खोखली हो जाती हैं। आप जितनी जल्दी उनके स्वास्थ्य के प्रति चेत, जाएं, उतना ही उन्हें कमजोर होने से बचाया जा सकता है।
शारीरिक श्रम को महत्व दें
पूरा दिन बैठकर बिताने वाले लोगों की हड्डियां लगभग 40 वर्ष की उम्र से ही कमजोर होनी शुरू हो जाती हैं, जबकि शारीरिक भाग-दौड़ करने वालों की हड्डियां बुढ़ापे तक मजबूत रहती हैं, इसलिए आप जितनी शारीरिक मेहनत करते हैं, व्यायाम करते हैं, चलते फिरते हैं, आपकी हड्डियां उतनी ही ज्यादा मजबूत बनी रहेंगी। अगर आपका स्वास्थ्य ठीक रहता है तो दिनचर्या में कुछ समय व्यायाम के लिए भी निकालें। व्यायाम से आप हर समय स्वयं को तरोताजा व चुस्त महसूस करेंगे। प्रतिदिन 30-45 मिनट की सैर हड्डियां को युवा व मजबूत बनाने में सहयोग करती है।
विटामिन व कैल्शियम भरपूर मात्रा में लें
हड्डियों का निर्माण कैल्शियम से होता है। युवा स्त्री-पुरुषों को प्रतिदिन 500-600 मिलीग्राम चाहिए लेकिन वृद्ध होने पर यह मात्रा बढकर 1000 मिलीग्राम हो जाती है। दूध और दूध से बनी वस्तुएं जैसे पनीर, दही, मक्खन में कैल्शियम प्रचुर मात्र में पाया जाता है। आधा लिटर दूध में 600 मिलीग्राम कैल्शियम होता है। अगर आप मांसाहारी हैं तो मछली का सेवन कर सकते हैं। मछली में कैल्शियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। सब्जियों में हरी पत्तेदार, और फलों में शरीफा, खजूर, खूबानी में कैल्शियम प्रचुर मात्र में पाया जाता है।
कैफीनयुक्त चीजों से परहेज करें
अगर आप अधिक चाय, काफी या कोल्ड डिंÑक पीते हैं तो इसके इस्तेमाल को बिलकुल सीमित कर दें क्योंकि इनमें कैफीन की मात्र ज्यादा होती है जिसके कारण हड्डियों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और ज्यादा प्रयोग से हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं।
मद्यपान और धूम्रपान को टा टा कहें
कई बार देखा गया है कि लोग मद्यपान और धूम्रपान को शौकिया तौर पर शुरू करते हैं पर धीरे-धीरे वह उनकी आदत बन जाती है। वे यह भी नहीं सोचते कि जिस शौक को गले लगा रहे हैं, वह उनके स्वास्थ्य के लिए कितना जहर घोल रहा है, इसलिए अगर हड्डियों को स्वस्थ बने रहने देना चाहते हैं तो मद्यपान और धूम्रपान को टा टा कर दें।
लम्बा इलाज हड्डियों का दुश्मन
कई बीमारियां ऐसी होती हैं, जिनके इलाज का समय बहुत ज्यादा होता है और ज्यादा के कारण दवाइयां भी ज्यादा समय तक खानी पड़ती हैं और इन दवाइयों के कुप्रभाव के कारण भी हड्डियां अपनी ताकत खो देती हैं और उम्र से पहले ही खोखली हो जाती हैं। ऐसे में जीवन में अनुशासन रखकर नियमित सैर करें और अपने खान पान पर विशेष ध्यान रखकर अपनी शारीरिक सुंदरता के साथ-साथ हड्डियां को भी कमजोर होने से बचा सकते हैं।
उचित समय पर उचित इलाज
कई बार हम महसूस करते हैं कि हमारी हड्डियों में कमजोरी आ रही है तो यह जरूरी है कि हमें हड्डियों के चिकित्सक से सम्पर्क करना चाहिए जिससे वह जांच करके उन्हें ठीक करने की दवाइयां व कुछ सावधानियां बताएंगे। इस तरह से उचित समय पर इलाज व सावधानियां अपना कर हड्डियों को ज्यादा कमजोर होने से बचा सकते हैं।


