- पुलिस की कई टीमें लगी, कई संदिग्ध हिरासत में
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बुधवार की शाम सात बजे से खैरनगर थानांतर्गत गूलर वाली गली में रहने वाले दो सगे भाई बहन संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। पुलिस की कई टीमें बच्चों को खोजने में लगी हुई है। पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया हुआ है।
पुलिस कई एंगल पर काम कर रही है। वहीं बच्चों के मां बाप का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक बच्चा गली से बाहर जाता दिखाई दे रहा है। सीओ कोतवाली ने बताया कि बच्चों की तलाश में पुलिस की कई टीमों को लगाया गया है।
खैर नगर गूलर वाली गली निवासी शाहिद बेगमपुल पर जूतों की दुकान पर काम करता है। शाहिद ने बताया कि उसका 10 वर्षीय बेटा मेहराब और 6 वर्षीय बेटी कोनेन सेंट जॉन्स स्कूल में पढ़ते हैं। बुधवार को दोनों बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। इसी दौरान रात करीब सात बजे दोनों मासूम संदिग्ध हालात में लापता हो गए।

घटना के बाद बदहवास परिजनों ने देर रात दोनों बच्चों की गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस की कई टीमें बच्चों की तलाश में जुट गईं। सुबह गली में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने पर मेहराब गली से बाहर जाता दिखाई दे रहा है। सीओ कोतवाली अमित राय ने बताया कि बच्चों की तलाश में पुलिस की कई टीमों को लगाया गया है।
उन्होंने बच्चों की जल्द बरामदगी का दावा किया। उधर, किसी अनहोनी की आशंका के चलते मासूमों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। इंस्पेक्टर देहलीगेट ऋषिपाल सिंह ने बताया कि सीसी कैमरे में दूर से बच्चा जाता हुआ दिख रहा है। पुलिस लगातार परिवार के संपर्क में है और अभी तक जांच में पता चला है कि बच्चों के पिता की किसी से रंजिश नहीं है। वहीं पुलिस को यह भी पता चला है कि पिछले साल शाहिद के परिवार ने खैरनगर में 48 लाख में एक दुकान बेची थी।

इसमें परिवार के कई लोगों की हिस्सेदारी थी। पुलिस हर तरह के एंगल पर काम कर रही है। वहीं बच्चों की मां निशा का रो रोकर बुरा हाल है और वो पुलिस से बच्चों की सकुशल बरामदगी की मांग कर रही है। पुलिस इस बात पर हैरान है कि शाम सात बजे गली से बच्चे गायब हो जाते हैं और किसी की नजर तक नहीं पड़ती है।
हत्या के तीन आरोपियों को 10 साल का कारावास
न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संख्या 15 मेरठ हर्ष अग्रवाल ने लूटपाट करने के इरादे से हत्या करने के आरोप में आरोपी छोटे पुत्र मलखान, जोनी पुत्र मदन सिंह व प्रवीण पुत्र रामलाल निवासीगण ग्राम नरहेड़ा थाना खरखौदा को दोषी पाते हुए 10 साल के कारावास व प्रत्येक को छह हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सरकारी वकील मुकेश मित्तल ने बताया कि वादी मुकदमा मोहर्रम अली ने थाना खरखौदा में गत 15 नवंबर 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह व उसके ताऊ का लड़का उम्मेद अली बहन नूरजहां के यहां बाइक से ग्राम ततीना से मिलने जा रहे थे।
इस दौरान जैसे ही वह सलेमपुर चौराहे से फफूंडा की ओर एक किलोमीटर ही चले थे। तभी सड़क पर किनारे खड़े हुए तीनों आरोपियों ने उसके भाई उम्मेद अली के सिर पर डंडा मार दिया। जिससे बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों भाई नीचे गिर गए। उम्मेद अली का सिर पुलिया में टकरा गया तथा गंभीर रूप से घायल हो गया। बेहोशी की हालत में उसे मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया गया दौरान उपचार उसके भाई उम्मेद अली की मृत्यु हो गई। जांच में आरोपियों के नाम प्रकाश में आए थे। न्यायालय में सरकारी वकील मुकेश मित्तल ने कुल छह गवाह पेश किए। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपीगगण को दोषी पाते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है।

