- शराब के लिये पैसे न देने पर बड़े ने छोटे भाई की गला दबाकर कर दी हत्या, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: परतापुर थानांतर्गत रिठानी में शुक्रवार रात 500 रुपये के विवाद में छोटे भाई ने अपने बड़े भाई की हत्या कर दी। दोनों ने एक साथ बैठकर शराब पी थी। वहीं पर विवाद हो गया। छोटा भाई शराब के लिए फिर से पांच सौ रुपये मांग रहा था। बड़े भाई ने इंकार कर दिया। इसी बात पर छोटे भाई ने रस्सी से बड़े भाई का रस्सी से गला घोंट दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है।

परतापुर थाना क्षेत्र के रिठानी निवासी मोनू (34) पुत्र लख्मीचंद मंडी में पल्लेदारी करता था। बृहस्पतिवार देर शाम मोनू अपने छोटे भाई रिंकू के साथ शराब पीने लगा। बताया की दोनों घर के पास ही एक जगह बैठकर शराब पी रहे थे। वहां पड़ोस के दो अन्य युवकों ने भी साथ में शराब पी। उसके बाद छोटा भाई रिंकू अपने बड़े भाई मोनू से 500 रुपये मांगने लगा।
जिस पर छोटे भाई ने कहा की अभी नशा पूरा नहीं हुआ है। आज मौसम भी बारिश का है। जब तक नशा पूरा नहीं होगा, तब तक ठीक नहीं है। इस पर बड़े भाई ने कहा अब रात हो गई। कमरे में जाकर सो जा। उसके बाद दोनों में विवाद हो गया। बड़े भाई ने कहा की 500 में रस्सी डालकर गला घोंट दिया। शुक्रवार रात में जब मोनू को जगाने का प्रयास किया तो वह नहीं बोला। जिस पर संदेह हुआ।
परिवार के लोगों ने पता किया तो पता चला की दोनों भाई शराब पी रहे थे। शराब के नशे में हैं। इस पर छोटा भाई बोला वह शराब पीकर सो रहा है, सुबह उतर जाएगी। बाद में पता चला तो मोनू मरा हुआ चारपाई पर पड़ा था। जिसक गले में रस्सी का निशान भी था। ऊपर से हत्यारोपी ने कपड़ा ढक दिया था।
हत्या की सूचना पर शनिवार सुबह आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस ने हत्या करने वाले छोटे भाई रिंकू को हिरासत में ले लिया। जिसने पूछताछ में पुलिस को बताया की 500 रुपये न देने पर भाई को गला घोंटकर मार दिया। इंस्पेक्टर परतापुर शैलेंद्र प्रताप ने बताया की एफआईआर दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
खेड़ी टप्पा गांव में किसान ने गोली मारकर की आत्महत्या
थाना क्षेत्र के खेड़ी टप्पा गांव में शुक्रवार सुबह रिश्तेदारी में आए एक किसान ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

गांव सलारपुर थाना जानसठ जिला मुजफ्फरनगर निवासी सुरेश 56 वर्ष पुत्र चंद्रपाल अपने साढू राजवीर के यहां दो फरवरी को आया था। राजवीर के बेटे शौकिंद्र ने बताया कि उसके मौसा कमरे में सोए हुए थे। शुक्रवार सुबह लगभग पांच बजे गोली चलने की आवाज आई। जिस पर वह मौसा सुरेश के कमरे में पहुंचे। सुरेश का खून से लथपथ शव नीचे पड़ा हुआ था। इस पर परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने पुलिस को जानकारी दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली। परंतु, आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। इस पर पुलिस ने वृद्घ सुरेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। थाना प्रभारी नरेंद्र शर्मा का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लग सका है। जांच की जा रही है।
महिला की मौत पर अस्पताल में हंगामा
हापुड़ रोड स्थित केयर अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत होने पर परिजनों ने वहां हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप था कि डाक्टर महिला की मौत होने के बाद भी उपचार करते रहे है। काफी देर तक चले हंगामे के बाद मामला शांत हुआ और पीड़ित शव को लेकर वापस अपने घर लौट गए।
महताब सिनेमा के रहने वाले वसीम ने बताया कि एक सप्ताह पहले उनकी पत्नी को मेडिकल कॉलेज में जुडवां बच्चे हुए थे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्होंने पत्नी को हापुड़ रोड स्थित केयर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
वसीम का कहना था कि एक दिन पहले उसकी पत्नी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी, लेकिन चिकित्सक अपना पैसा बनाने के लिए उनकी मौत को छुपाकर बराबर ईलाज करते रहे। शुक्रवार को उन्होंने इसका विरोध किया तो चिकित्सको ने उसे जिंदा बताया। जिसके बाद परिजनों ने वहां हंगामा कर दिया। काफी देर तक अस्पताल में चले हंगामे के बाद पीड़ित परिजन महिला के शव को लेकर अपने घर लौट गए।

