जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: निकाय चुनाव को लेकर रविवार को पार्टी की एक अहम बैठक में मायावती ने कहा कि दलित समाज मजबूत चट्टान की तरह बसपा पार्टी और मूवमेंट के साथ हमेशा खड़ा रहता है। जबकि सपा जैसी पार्टियां उन्हें वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती रहती हैं। इसी वजह से भाजपा यूपी में मजबूत हुई है। बसपा की बैठक में 75 जिलों के सभी अध्यक्ष और नेशनल से लेकर प्रदेश स्तरीय सभी कोऑर्डिनेटर और पदाधिकारी मौजूद रहे।
मायावती ने कहा कि अब यूपी में निकाय चुनाव में खासकर ओबीसी वर्ग के हित कल्याण तथा इसके आरक्षण बेरोजगारी तथा खेती संकट आदि को लेकर भाजपा और इनकी सरकार पूरी तरह से कटघरे में है।
भाजपा की हालत डांवाडोल है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी दलितए अति पिछड़े और मुस्लिम समाज के हित की सुरक्षा के मामले में छलावा कर रही है। इस वजह से वह भी पूरी तरीके से बैकफुट पर है।
उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में उम्मीदवारों का चयन काफी सोच-समझकर करना होगा। सिर्फ उन्हीं लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो सर्व समाज के साथ जनहित के कार्यों में सफल रहे हैं। निजी स्वार्थ वाले किसी उम्मीदवार के चयन पर पार्टी की तरफ से विचार नहीं किया जाएगा।
बसपा की इस बैठक को 2024 लोकसभा चुनाव से पहले बनाई जाने वाली रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है। मायावती ने अपने सभी पदाधिकारियों के साथ मंथन करते हुए निकाय चुनाव में बेहतर कैंडिडेट और जातीय समीकरण के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारियों की रिपोर्ट मांगी है। एक तरह से ये चुनाव ट्रायल के तौर पर देखे जा रहे हैं। इसीलिए पहली बार बसपा अपने सिंबल पर निकाय चुनाव के मैदान में उतरने जा रही है।