जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज मोदी सरकार 3.0 के दूसरे पूर्ण आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। एक तरफ जहां उच्च शिक्षा के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का एलान किया गया, वहीं दूसरी ओर महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए SHE Marts की शुरुआत की घोषणा की गई।
गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा
भारत में लड़कियों की शिक्षा में अक्सर सुरक्षा, दूरी और आवास की सुविधाओं की कमी सबसे बड़ी बाधाएं होती हैं। बजट 2026 में सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि हर जिले में उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए गर्ल्स हॉस्टल बनवाए जाएं। इससे छात्राओं को सुरक्षित और सस्ती आवास सुविधा मिल सकेगी, जो उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल क्यों अहम है?
उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच: ग्रामीण और छोटे शहरों की छात्राओं को अब कॉलेज जाने में आसानी होगी।
ड्रॉपआउट्स में कमी: रहने की समस्या कम होने से पढ़ाई बीच में छोड़ने के मामले घटेंगे।
सुरक्षा और आत्मनिर्भरता: सुरक्षित हॉस्टल्स से छात्राओं को आत्मनिर्भर और स्वतंत्र फैसले लेने का साहस मिलेगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: हॉस्टल निर्माण और संचालन से स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा
SHE Marts का उद्देश्य महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कारीगरों और स्टार्टअप्स को एक मंच प्रदान करना है, जहां वे अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक बेच सकें। इस पहल से महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और बिचौलियों की निर्भरता कम होगी।
SHE Marts का उद्देश्य
महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देना
बिचौलियों पर निर्भरता कम करना
स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना
महिलाओं की आय और आर्थिक स्वतंत्रता में वृद्धि करना
SHE Marts में क्या मिलेगा?
हस्तशिल्प, हथकरघा, और टेक्सटाइल
होममेड फूड और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स
ब्यूटी प्रोडक्ट्स, हैंडमेड आइटम्स, गिफ्ट आइटम्स
महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स के उत्पाद
SHE Marts को डिजिटल और फिजिकल दोनों स्वरूपों में स्थापित किया जाएगा, जिससे महिलाओं को सीधे बाज़ार तक पहुंच मिल सकेगी।

