- पोस्टमार्टम में मौत का कारण जहरीली गैस से दम घुटना
- परिजन नेपाली परिवार के तीन सदस्यों के शव लेकर नेपाल रवाना
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नये साल की खुशियां उनके नसीब में नहीं थी। उम्र कोई ज्यादा थोड़े ही थी। नेपाल के जिला कैलाली के गांव चाऊमाला निवासी 38 वर्षीय चंदर पुत्र देवबहादुर,पत्नी राधा के साथ जिंदगी को संवारने के लिये नेपाल से मेरठ आया था। पांच साल पहले उसने शंभु नगर में रहने वाले व्यवसायी आलोक बंसल के घर खाना बनाने का काम मिल गया था।
नये साल की पूर्व संध्या पर बेटी का जन्म दिन मनाने के बाद जब सर्दी से बचने के लिये तसले में कोयला जलाकर जब सोया तो पूरा परिवार उठने के बजाय चिरनिद्रा में तब्दील हो गया। जिस चंदर को आने वाले समय में नेपाल में दादा दादी के पास रहने वाले अपने तीन बच्चों से मिलने जाना था, अब उसकी जगह उनके पार्थिव शरीर ही पहुंचेंगे। पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव एंबुलेंस से नेपाल रवाना कर दिये गए हैं।
सोमवार की दोपहर से मेडिकल कालेज में स्थित मोर्चरी में नेपाली परिवार के तीन सदस्यों के शव रखे हुए थे। पोस्स्टमार्टम के बाद तीनों लोगों के शवों को लेने के लिये लुधियाना से चंदर का भाई और गुड़गांव से साला समेत कई लोग आये हुए थे। अपने चहेतों के शव को देखकर भाई और साला गश खाकर गिरने लगे तो वहां मौजूद लोगों ने उनको संभाला और हौसला दिया।

तीनों के शव देखकर भाई को लग भी नहीं रहा था इनकी मौत भी हो सकती है लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। भाई का कहना था कि तीन दिन पहले ही चंदर और भाभी से बात हुई थी और दोनों लोग बहुत खुश थे और अंजली के बर्थडे की बात कर रहे थे। अंजली ने भी चाचा से आने की जिद की थी। हंसमुख और मिलनसार चंदर और राधा के व्यवहार से मालिक आलोक बंसल का परिवार भी खुश था।
पूरे परिवार की मौत से इनका परिवार भी गमगीन था। यही कारण था कि आलोक बंसल पूरे समय पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद रहे। मृतक के भाई ने बताया कि चंदर के चार बच्चे हैं। अंजली का जन्म मेरठ में ही हुआ था जबकि बाकी तीन बच्चे नेपाल के जिला कैलाली के गांव चाऊमाला में दादा दादी के साथ रहते हैं। बहुत जल्दी इस परिवार को नेपाल अपने बच्चों से मिलने भी जाना था। जैसे ही नेपाल में इस भीषण त्रासदी का पता चला तो पूरा परिवार गमगीन हो गया। पुलिस ने भी चंदर के मोबाइल नंबर के आधार पर घर वालों से बात की थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट
इंस्पेक्टर टीपी नगर संतशरण सिंह ने बताया कि माता, पिता और बच्ची के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। डाक्टर के मुताबिक तीनों लोगों की मौत जहरीली गैस से दम घुटना आया है।

