- प्रवर्तन दल की टीम ने सामान देख उसे जब्त करने में भी अपनाया गया दोहरा मापदंड, अभियान हवा हवाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम की तरफ से 13 अक्टूबर को चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान मात्र सामान जब्त करो अभियान मात्र खानापूर्ति बनकर रह गया। नगर निगम की तरफ से जो पुलिस फोर्स एवं पीएसी के साथ मजिस्ट्रेट एवं सीओ की उपस्थिति में अभियान चलाने की बात कही थी वह हवा-हवाई साबित हुई। अतिक्रमण प्रभारी डा. पुष्पराज गौतम के साथ प्रवर्तन दल की टीम ने ही शुक्रवार दोपहर अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत नगर निगम के मुख्यालय से न करके घंटाघर से शुरू की। जिसमें अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर मात्र सामान जब्त करो अभियान चलाया गया। जिसमें जिसकी दुकान के सामने प्रवर्तन दल की टीम ने सामान देखा उसे जब्त करने में भी दोहरा मापदंड अपनाया गया।

जिसकी दुकान के सामने अतिक्रमण के रूप में रखा सामान समझ में आया उसे उठाकर वाहन में लाद लिया जिसकी दुकान से सामान समझ नहीं आया उसके अतिक्रमण को छोड़कर आगे की तरफ बढ़ गए। इस दौरान टीम ने 12 लोगों से जब्त सामान के जुर्माना वसूली के रूप में सात हजार रुपये वसूले,ओर चेतावनी देकर छोड दिया। जिसकें अब निगम अतिक्रमण हटाओ अभियान की जगह सामान जब्त करो अभियान चलाकर जुर्माना वसूली तक सीमित हो गई है। यदि इस तरह से ही निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहा तो शहर से एक इंच भी सड़कों के किनारे व नालों से अतिक्रमण हटने वाला नहीं हैं।
सफाई स्वच्छता मित्रों ने सुपरवाइजर की शिकायत डीएम से की
वार्ड-47 में स्वच्छता मित्र के रूप में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर सुपरवाईजर की शिकायत की है। आरोप लगाया है कि सुपरवाईजर जोकि सफाई कार्य के लिए डयूटी पर नहीं आते उनकी तो अनुपस्थिति को उपस्थिति में बदल देता है। जोकि प्रतिदिन कार्य पर आते हैं, उनकी रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज होने के बाद भी वेतन देने के दौरान कई-कई अनुपस्थिति दर्शाकर वेतन काट लेता है।
इस संबंध में शिकायत करने वाले स्वच्छता मित्रों में सीमा, सुमित, रेखा, शर्मिला आदि शामिल हैं। स्वच्छता मित्रों का कहना है कि वार्ड के लोगों के द्वारा भी उनके पक्ष में प्रतिदिन डयूटी पर आने की बात सफाई सुपरवाईजर से की लेकिन वह मनमानी कर रहा है। उधर, इस संबंध में प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शिकायती पत्र पर मामले की जांच कराई जा रही है।
जिला अस्पताल के सामने कई जगह गलत तरीके से लगाए पोल
घंटाघर से छतरी पीर तक जिला अस्पताल के सामने से होते हुए जो सड़क जा रही है। उस सड़क पर विद्युत पोल लगाने के साथ ही डिवाइडर का निर्माण कार्य भी चल रहा है। जिसमें रास्ता पहले ही कुछ संकरा था, लेकिन नाला निर्माण के कारण रास्ता कुछ संकरा हो गया। अब सड़क पर डिवाइडर का निर्माण होने से सड़क और भी संकरी हो गई है। उधर डिवाइडर में कुछ जगह तो पोल सही तरह से लगे हैं, जोकि डिवाइडर के बीच में लगे हैं,

जिनसे कोई वाहन चालक एवं राहगीरों को परेशानी पैदा नहीं होगी, लेकिन कुछ जगहों पर गलत तरीके से पोल लगा दिए गए हैं। जिसमें मार्ग से होकर गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पडेÞगा। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जो पोल डिवाइडर से हटकर सड़क में लगे हैं, उन्हें सड़क के बीच से हटवाकर डिवाइडर के बीच में ही लगवाया जाना चाहिए। ताकि मार्ग पर वाहनों के आवागमन में परेशानी पैदा न हो। उधर, घंटाघर के निकट शुक्रवार को भी केवल खराब होने के कारण सड़क में खुदाई का कार्य कराया गया। इस दौरान मार्ग पर घंटों तक जाम लगा रहा।

