- राष्ट्रीय पोषण माह शुरू, कांशारीम कालोनी में मेयर ने किया शुभारंभ
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: राष्ट्रीय पोषण माह की सोमवार को विधिवत शुरुआत की गई। शहर के दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कालोनी के आंगनबाड़ी केंद्र पर मेयर संजीव वालिया ने इसका शुभारंभ किया। इस दौरान पोषण वाटिका भी लगाई गई। बच्चों का वजन भी किया गया।
इस मौके पर मौजूद जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह को लेकर इस बार डिजिटल प्लेटफार्म पर इसका भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा।
कुपोषित बच्चों और एनीमिया की शिकार गर्भवती महिलाओं को इससे मुक्ति दिलाने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे घरों में पोषण वाटिका भी लगाई जाएगी। अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उनका उपचार भी किया जाएगा, ताकि वह स्वस्थ हो सकें।
आशा त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार पोषण माह की गतिविधियों को अधिक-अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इसमें डिजिटल प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जाएगा।
यही नहीं, सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्मों में कुपोषण के विरुद्ध होने वाले कार्यक्रमों को ज्यादा से ज्यादा शेयर किया जाएगा। ऐसा इसलिए कि लोगों की इसमें भागीदारी बढ़े। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को संदर्भित अति कुपोषित-कुपोषित बच्चों की पहचान (वजन एवं लंबाई के आधार) पर स्वास्थ्य जांच की जाएगी।
साथ ही आवश्यक उपचार दिया जाएगा और धात्री माताओं को बच्चों के लिए स्तनपान को प्रोत्साहित किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिये आज से ही घर-घर सर्वे शुरू कराया जा रहा है।
इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ख्याल रखा जाएगा। कुपोषित, गर्भवती और धात्री महिलाओं को चिन्हित किया जाएगा। घर में अगर आंगन है तो वहीं पर नहीं तो छत पर तिरपाल आदि डालकर पोषण वाटिका लगाई जाएगी।
दरअसल, नवजात के लिए जीवन में प्रथम हजार दिन महत्वपूर्ण होते हैं। साथ ही छह माह तक केवल स्तनपान तथा दो साल तक सतत स्तनपान जारी रखने से शिशु को उच्च गुणवत्ता वाली ऊर्जा एवं पोषण तत्व प्राप्त होते हैं।
उन्होंने बताया कि स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए पोषण माह के तहत लोगों में विभिन्न माध्यमों से जनसंदेश प्रसारित कराया जाएगा। शून्य से पांच साल तक के बच्चों का वजन किया जाएगा।
प्रत्येक गुरुवार को फलदार पौधों के रोपण को अभियान चलेगा। इसमें मौसमी फल, पत्तेदार सब्जी, बैगन, टमाटर, पुदीना, गाजर, तुलसी, सहजन आदि को लगाने का उपक्रम होगा। बता दें कि जनपद में 21424 कुपोषित तथा 5828 अतिकुपोषित बच्चे हैं। शहर में कुल 400 तथा देहात क्षेत्रों में 3410 आंगनबाड़ी केंद्र हैं।

