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जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जानीखुर्द थाने की भोलाझाल के समीप गंगनहर पटरी पर रविवार को भीषण अग्निकांड में एक मासूम समेत चार लोग जिंदा जल गए। ये विभत्स घटना रविवार की रात करीब 9.30 बजे की हैं। हृदय विदारक इस हादसे की सूचना पर जब तक पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तब तक कार में सवार सभी लोग जिंदा जल चुके थे। हालांकि आसपास के लोगों ने कार में लगी आग बुझाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन कार में मौजूद लोगों को नहीं बचाया जा सका। मरने वालों की कोई शिनाख्त नहीं हुई हैं। हादसे की खबर पाकर डीएम दीपक मीणा, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण, एसपी देहात कमलेश बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे।
हादसे में मरने वाला परिवार दिल्ली की तरफ से हरिद्वार गंगा स्नान के लिए जा रहा था। ऐसा पुलिस ने बताया हैं। जब कार जानीखुर्द थाना क्षेत्र की गंगनहर पटरी भोलाझाल के समीप पहुंची, तब ये हादसा हुआ हैं। आग चलती कार में लगी है, आग इतनी तेजी से फैली कि कार सवारों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। कार में सीएनजी किट लगी हुई थी। माना जा रहा है कि गैस किट होने के चलते ही यह हादसा हुआ है। कार पर लगी नंबर प्लेट डीएल-4सी-एपी-4792 के आधार पर यह गाड़ी दिल्ली निवासी सोहनपाल पुत्र ओम प्रकाश निवासी गांव प्रहलादपुर बांगर के नाम पर पंजीकरण हैं।
पूर्व विधायक के रिश्तेदार के सात सदस्यों की हुई थी मौत
कैंट के पूर्व विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल के परिवार के सात सदस्यों की ऐसे ही एक कार हादसे में मौत हो गयी थी। यह घटना विगत 13 अप्रैल को राजस्थान के सीकर जिले में हुई थी। जिसमें सीकर जिले के फतेहपुर शेखावाटी में आशीर्वाद चौराहे के पास स्थित पुल पर कार और ट्रक की टक्कर में मेरठ निवासी कार सवार सात लोग जिंदा जल गए। कार में दो बच्चों और तीन महिलाओं सहित सात लोग सवार थे। ये सभी लोग सालासर बालाजी मंदिर से हिसार जा रहे थे। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गए। सभी मरने वाले मेरठ निवासी है
और पूर्व विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल के रिश्तेदार हैं। हादसे की सूचना परिवार तक पहुंची तो कोहराम मच गया। हादसे में पूर्व विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल के साले के बेटे हार्दिक, उनकी मां मंजू, पत्नी स्वाति और दो बेटियों की मौत हो गई थी। हार्दिक की मौसी नीलम और उनके बेटे आशुतोष की भी मौत हो गई। परिवार के सभी सात सदस्य कार से दर्शन करने का रहे थे। मृतक ब्रह्मपुरी के शारदा रोड स्थित शिव शंकरपुरी कॉलोनी के रहने वाले थे। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में आग ने कार को अपनी चपेट में ले लिया और कार में सवार लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
एक्सप्रेस-वे पर चलती कार में आग
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे पर विगत 19 मई को अचानक एक चलती गाड़ी में आग लग गयी थी। आग की इस घटना में अच्छी बात यह रही कि कार में सवार लोग वक्त रहते सुरक्षित बच गए। हालांकि कार पूरी तरह से खाक हो गयी। इससे पहले भी चलती कारों में आग की तमाम घटनाएं हो चुकी हैं।
गैस किट वाले गाड़ियों में ही आग
आग लगने की जो भी घटनाएं सामने आयी हैं। उन सभी में गैस किट वाली गाड़ियों में ही आग लगी है। इनमें भी ज्यादातर गाड़ियां सीएनजी और एलपीजी किट वाली हैं। जानकारों का कहना है कि जिन गाड़ियों में कंपनी फिटेड किट लगी होती है आमतौर पर उनमें आग के हादसों की संख्या उतनी नहीं जितनी बाहर से गैस किट लगवाने वाली गाड़ियों में होती है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पूरे शहर में जगह-जगह गैस किट लगाने की दुकानें खुल गयी हैं। इनमें कितनों पर सरकारी अनुमति है और कितनी बगैर अनुमति के चल रही है।

