- शून्य बैलेंस खाता खोलने में लोगों से वसूले जा रही मनचाही रकम
- सीएससी पर प्रमाण पत्र आवेदन फीस की कई गुना वसूली
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जनसेवा के लिए गली-मोहल्लों में खुलवाए गए जनसुविधा केंद्रों पर गरीबों को जमकर लूटा जा रहा है। सरकार की योजनाओं को पलीता लगाते हुए जनसुविधा केंद्रों के संचालक निर्धारित शुल्क के स्थान पर कई गुना वसूली करके गरीबों की जेब काट रहे है। बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक ग्राहकों से शून्य बैलेंस खाता खोलने के नाम पर खूब अवैध वसूली कर रहे हैं। नियम कायदों को ठेंगा दिखाकर चलाए जा रहे जनसेवा केंद्र गरीबों के शोषण के केंद्र में तब्दील हो चुके है। इसके बावजूद प्रशासन बेखबर बना हुआ है।
प्रदेश सरकार ने जनता को सस्ती सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जगह-जगह जनसुविधा केंद्रों को खुलवाया था। लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से बचाने की कवायद में आम जनता के लिए खुलवाए गए यह केंद्र जनसेवा की बजाय उगाही और शोषण के केंद्र बनें हुए है। इन केंद्रों पर संचालक मनमानी करके गरीबों की जेब काट रहे हैं। आमतौर पर इन केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र के आवेदनों के साथ राशन कार्ड, बिजली कनेक्शन, ई-श्रमिक कार्ड और आधार कार्ड में करेक्शन करने के कार्य किए जाते है।
केंद्र संचालक निर्धारित 30 रुपये की बजाय 150 रुपये से 1000 रुपये तक वसूल रहे हैं। शहर में जगह-जगह खुले इन केंद्रों पर बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र भी संचालित हो रहे हैं। ग्राहकों की सेवा में जीरो बैलेंस एकाउंट खोलने की एवज में 500 रुपये वसूले जा रहे है। जबकि लेन-देन और खाता खोलने पर बैंक संचालकों को पैसा देता है। इसके बावजूद इन केंद्रों पर जमकर उगाही की जा रही है।
लिसाड़ी गेट में ताज पैलेस वाली गली में स्थित इलाहाबाद बैंक की यूनिवर्सिटी शाखा के ग्राहक सेवा केंद्र पर स्थानीय निवासी समीना से 500 रुपये वसूल कर खाते में महज 100 रुपये क्रेडिट किए गए। गत दिवस यहां खाता खोलने पहुंचे कैंसर पीड़ित से भी अवैध वसूली की गई है। केंद्र संचालक का कहना है कि खाता खोलने का खर्च 500 रुपये है, उक्त राशि अदा करने के बाद भी खाते में शून्य बैलेंस होगा। इसके अलावा एसबीआई तथा अन्य सभी ग्राहक सेवा केंद्र पर भी अवैध वसूली की जा रही है। उगाही के इन केंद्रों के खिलाफ प्रशासन खामोश है। प्रशासन की उदासीनता के चलते गरीबों की जेब सलीके से काटी जा रही है।

