- अधिकारियों के इंतजार में पथराई फरियादियों की आंखें
- शिकायतों का निस्तारण न होने पर जनता परेशान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिलापूर्ति विभाग की बिगड़ी व्यवस्था आखिर कब सुधरेगी, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है। जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अपनी-अपनी शिकायत लेकर आए दर्जन भर से भी ज्यादा फरियादियों एवं कुछ राशन डीलरों की आंखें शुक्रवार को अधिकारियों के इंतजार में पथरा गई। सुबह 11 से 12 बजे तक एक घंटा इंतजार करने पर भी जब कोई अधिकारी कार्यालय में नहीं पहुंचा तो फरियादी मायूस होकर अपने घरों को लौट गए।
जिलापूर्ति कार्यालय के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से जिले में राशन डीलर राशन वितरण में घोर लापरवाही एवं भारी अनियमितताएं बरत रहे हैं। जिले के अधिकांश राशन डीलर गरीबों के राशन पर अधिकारियों की मिलीभगत से डांका डाल रहे हैं। जिसमें जिले के अधिकांश राशन डीलरों द्वारा गरीबों को बांटे जाने वाले राशन को कम तौला जा रहा है। राशन कार्ड से यूनिट कम कराई जा रही हैं। शिकायत करने पर राशन कार्ड निरस्त करने की धमकी दी जा रही है।

उधर, कई राशन डीलरों से पूर्ति विभाग के भ्रष्ट अधिकारी इस बाबत शिकायत होने पर कोई कार्रवाई न करने की एवेज में अवैध वसूली कर रहे हैं। जिसके चलते शिकायत कर्ताओं की शिकायत पर कोई एक्शन नहीं हो पा रहा है। पूर्ति विभाग के अत्यंत विश्वनिय सूत्रों ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग राशन घटतौली की पिछले एक माह में 30 से भी ज्यादा शिकायतें आ चुकी हैं। जिन्हें अधिकारी रद्दी में डाल रहे हैं।
उधर, बताया जा रहा है कि तहसील के कमरा नंबर पांच में पूर्ति विभाग के कर्मचारियों द्वारा पिछले छह महीनों से राशन कार्ड में अधिकांश लोगों की यूनिट ऐड नहीं की जा रही हैं। केवल उन्हीं की यूनिट ऐड की जा रही हैं, जो कर्मचारियों की जेब गर्म कर रहे हैं। शुक्रवार को जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर कई राशन डीलर और दर्जनों उपभोक्ता क्षेत्रिय खाद्य निरीक्षक एवं जिला पूर्ति अधिकारी का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी।
वहीं, इस बारे में जिलापूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह का कहना है कि जिले का लक्ष्य सालों पहले पूरा हो चुका है इसलिए राशन कार्ड में कोई यूनिट ऐड नहीं की जा रही है। यदि जिले के मृतकों का नाम राशन कार्ड से हटेगा या अपात्र राशन कार्ड निरस्त होगा तो राशन कार्ड में यूनिट ऐड की जाएंगी। आफिस से नदारद रहने के सवाल पर उनका कहना था कि वो 12 बजे तक आफिस पर ही थे।

