- सेंट जॉन की प्रिंसिपल दिल्ली के अस्पताल में थी भर्ती
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना भी अंतिम प्रहार पर उतारू है। जाते-जाते भी जान लेने से बाज नहीं आ रहा है। कोरोना के डंक से संक्रमित हुई सेंट जॉन की प्रिंसिपल चंद्रलेखा जैन का उपचार के दौरान निधन हो गया। शुक्रवार सुबह उनके निधन की खबर मेरठ पहुंची तो परिवार तथा स्कूल के स्टाफ तथा अन्य परिचितों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में परिचित सेंट जॉन स्थित उनके आवास पर जमा हो गए।
हालांकि कोरोना प्रोटाकॉल के चलते लोगों के रुकने की मनाही थी। जिला सर्विलांस अधिकारी डा. प्रशांत कुमार ने चंद्रलेखा जैन के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि नई दिल्ली स्थित हॉस्पिटल से उनका शव एम्बुलेंस से सीधे यहां पहुंचेगा। परिजनों से लगातार संपर्क रखा जा रहा है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए परिवार के सीमित लोगों को ही अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी गयी है।
साथ ही कहा गया है कि पीपीई किट समेत अन्य सभी कोरोना प्रोटाकॉल का सख्ती से पालन किया जाए। अंतिम संस्कार के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कुछ लोग भी मौजूद रहेंगे ताकि कोरोना प्रोटोकॉल सुनिश्चित कराया जा सके। उन्हें 30 दिसंबर को भर्ती कराया गया था।
उधर, चंद्रलेखा जैन की स्कूली शिक्षा सोफिया गर्ल्स स्कूल से हुई। उनकी मां करीब 20 सालों तक सोफिया गर्ल्स स्कूल में शिक्षिका रहीं थी और गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल से वाइस प्रिंसिपल के तौर पर रिटायर हुई थी। घर में शिक्षण माहौल होने के कारण चंद्रलेखा जैन भी शिक्षिका बनीं और 80 के दशक से सेंट थामस इंंग्लिश मीडियम स्कूल में अंग्रेजी शिक्षिका रहीं।
इसके बाद सिस्टर कैथलीन के समय सोफिया गर्ल्स स्कूल में भी शिक्षिका रहीं। वहां से निकलने के बाद सेंट जोंस सीनियर सेकेंड्री स्कूल में साल 2011 से प्रिंसिपल के तौर पर कार्यरत थीं। करीब नौ साल पहले उन्होंने ही मिशन कंपाउंड में सेंट जोंस गर्ल्स की शुरूआत की थी। वह देहरादून में भी एक स्कूल शुरू करना चाहती थी जिसका भवन निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है।
2020 में स्कूल शुरू होना था लेकिन कोविड के कारण स्कूल नहीं खुल सका। वह सेंट थामस स्कूल की मैनेजर भी थी। साथ ही जिले की फीस निर्धारण समिति की सदस्य भी थी। शनिवार को सेंट मेरीज एकेडमी, सोफिया गर्ल्स स्कूल, दीवान पब्लिक स्कूल सहित तमाम स्कूल बंद कर दिए गए हैं।उधर, नजदीकी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के अनुसार दो दिन पहले उनकी बेटी से बातचीत करने पर पता चला था कि उनकी हालत में थोड़ा सुधार है। मगर शुक्रवार सुबह उनके निधन की सूचना मिलने के बाद उनके परिजन और नजदीकी संवेदना व्यक्त करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे।
चंद्रलेखा जैन अपने छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय रही है। वह अक्सर छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं में अच्छे नंबर लाने के लिए टिप्स दिया करती थीं। उनके असमय निधन से छात्र-छात्राएं भी दुखी है। मेरठ सहोदय ग्रुप ने चंद्रलेखा जैन के प्रति अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोकसभा का आयोजन किया। जिसमें सहोदय से जुड़े कई स्कूलों के प्रधानाचार्य भी मौजूद रहे। जूम ऐप पर आयोजित कांप्रेंस में प्रेम मेहता, अल्पना शर्मा, राहुल केसरवानी आदि मौजूद रहे।
जताया शोक
प्रिंसिपल चंद्रलेखा के निधन पर स्कूल के स्टाफ व बच्चों के अलावा अनके सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के अलावा कैंट बोर्ड के सदस्यों ने भी दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसको शिक्षा जगत की अपूर्णीय क्षति करार दिया है। लोगों का कहना है कि चंद्रलेखा ने बहुत मेहनत से स्कूल चलाया।
दुख व्यक्त करने वालों में वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव गोयल, कैंट बोर्ड सदस्य बीना वाधवा, मंजू गोयल, अनिल जैन, नीरज राठौर, कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष दिनेश गोयल व सुनील वाधवा, संदीप एल्फा, मनमोहन भल्ला, डा. प्रमोद शर्मा, कांग्रेस के चौधरी यशपाल सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अवनीश काजला, प्रवक्ता अखिल कौशिक आदि भी शामिल हैं।
कोरोना के सिर्फ 12 संक्रमित
वैक्सीन आने के बाद कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से नीचे की ओर जा रहा है। शुक्रवार को सिर्फ 12 नए केस मिले हैं। ये जानकारी सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने अपडेट जारी करते हुए दी। उन्होंने बताया कि जिन इलाकों में संक्रमित मिले हैं। उनमें इंद्रा कालोनी, माधवपुरम, कसेरू बक्सर गंगानगर यहां एक ही परिवार में तीन केस मिले हैं। सेक्टर-नौ शास्त्रीनगर, मलियाना टीपीनगर, पल्लवपुरम फेज-एक, पसवाड़ा, दौराला भी शामिल हैं।

