Saturday, March 7, 2026
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37 अरब की ठगी में 200 मुकदमों में लगी चार्जशीट

  • क्राइम ब्रांच कर रही जांच मुख्य आरोपी जेल से अब तक रिहा नहीं

ज्ञान प्रकाश |

मेरठ: सोशल ट्रेडिंग के नाम पर 37 अरब रुपये के आॅनलाइन ठगी के मामले में मेरठ में दर्ज 200 मुकदमों में क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट लगा दी है। अभी तक भारी भरकम घोटाले का मुख्य आरोपी अभिनव मित्तल लखनऊ जेल से बाहर नहीं आया है।

फरवरी 2017 में यूपी एसटीएफ ने दिल्ली से सटे नोएडा में सोशल ट्रेडिंग के नाम पर 37 अरब की आॅनलाइन ठगी के बड़े मामले का खुलासा किया था। एसटीएफ ने सबसे पहले इस ठग रैकेट के सरगना अनुभव मित्तल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। साथ ही कंपनी का बैंक अकाउंट भी एसटीएफ ने सीज करा दिया था। जिसमें 500 करोड़ की धनराशि जमा है।

ये लोग नोएडा के सेक्टर 63 में अब्लेज इन्फो सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी चला रहे थे। जिसने करीब 7 लाख लोगों से एक पोंजी स्कीम के तहत 3700 करोड़ से ज्यादा की रकम इनवेस्टमेंट के नाम पर आॅनलाइन ली थी। इस कंपनी ने —- नाम से अपनी एक वेबसाइट बनाई थी। इस पोर्टल से जुड़ने वाले को 5750 रुपए से 57,500 रुपये तक कंपनी के अकाउंट में जमा कराने होते थे। उसके बदले पोर्टल के हर सदस्य को हर क्लिक पर पांच रुपये घर बैठे मिलते थे। इस केस में कई बैंक मैनेजर और अन्य लोग भी गिरफ्तार किए गए थे। अनुभव और उसके दो साथियों पर गौतमबुद्धनगर में केस दर्ज किया गया था।

हैदराबाद में भी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई है। बता दें कि कंपनी की स्कीम के अनुसार में सदस्य बनने पर हर सदस्य को हर क्लिक पर पांच रुपये घर बैठे मिलने का कहा गया था। हर सदस्य को अपने नीचे दो और लोगों को जोड़ना होता था। जिसके बाद सदस्य को अतिरिक्त पैसे मिलते थे। इन्फोर्समेंट एजेन्सीज से बचने के लिए यह फ्रॉड कम्पनी वर्चुअल वर्ल्ड में लगातार नाम बदल रही थी। क्राइम ब्रांच को मेरठ में 200 मुकदमे की जांच दी गई थी। मुख्य आरोपी के लगातार जेल में रहने से अभी तक मेरठ की अदालत में मुख्य आरोपी की पेशी भी नहीं हो पाई है। ऐसे में दर्ज मुकदमों में कोई सुनवाई तक नहीं हो पा रही है।

एसपी क्राइम अनित कुमार का कहना है कि मुकदमों में चार्जशीट लगकर कोर्ट भेजी जा चुकी है। गौरतलब है कि फरवरी 2017 में यूपी एसटीएफ ने दिल्ली से सटे नोएडा में सोशल ट्रेडिंग के नाम पर 37 अरब की आॅनलाइन ठगी के बड़े मामले का खुलासा किया था। एसटीएफ ने सबसे पहले इस ठग रैकेट के सरगना अनुभव मित्तल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। साथ ही कंपनी का बैंक अकाउंट भी एसटीएफ ने सीज करा दिया था, जिसमें 500 करोड़ की धनराशि जमा है। मुख्य आरोपीअनुभव मित्तल ने सितंबर 2010 में चांदनी चौक के एक पते पर कंपनी रजिस्टर्ड कराई।

छोटे प्रॉजेक्ट कर रही कंपनी को जब इतना बड़ा प्रॉजेक्ट मिला, तो अनुभव ने इस पैसे के दम पर ‘सोशल ट्रेड’ के जरिए कहीं ज्यादा मुनाफा बटोरने का प्लान बनाया। सोशल मीडिया के जरिए पैसा उगाही का प्लान सफल बनाने के लिए अनुभव ने अपनी पत्नी आयुषी मित्तल को कंपनी का सह-निदेशक बनाया। साथ ही उन्होंने सनी मेहता और महेश दयाल को भी अपने साथ जोड़ लिया, जो स्कीम में उसे तकनीकी मदद मुहैया कराते थे। इसके बाद बिजनस बढ़ाने के इरादे से अनुभव ने ढाई लाख रुपये महीने के वेतन पर एमबीए डिग्री होल्डर श्रीधर प्रसाद को अपने यहां नौकरी दी थी।

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