- अभिभावकों की होगी काउंसलिंग, पौष्टिक आहार की दी जाएगी जानकारी
- 11 बच्चों को सुपोषण के लिए भेजा जाएगा एनआरसी
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए अब अभिभावकों की काउंसलिंग होगी। यही नहीं, इस दौरान अभिभावकों को बच्चों की देखरेख के साथ पौष्टिक आहार से संबंधित सभी जानकारियां दी जाएंगी। उन बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में दाखिल कराया जाएगा, जिन्हें सुपोषित बनाने के लिए इलाज की जरूरत है। यहां 11 ऐसे बच्चे चिह्नित हुए हैं, जिन्हें पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया जाएगा।
सितंबर महीने में राष्ट्रीय पोषण माह संचालित किया गया। इसके तहत जनपद के 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वजन कराया गया था। जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी ने बताया जिले में 915 बच्चे लाल और 11765 बच्चे पीली श्रेणी में पाए गए। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने लाल श्रेणी वाले बच्चों को पीली श्रेणी में लाने के लिए सुपोषण के जरिये प्रयास शुरू कर दिए हैं।
ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस में इन बच्चों की जांच कराने के साथ ही जरूरी विटामिन्स और पोषक तत्वों की पूर्ति की जाएगी। इन बच्चों को केवल सुपोषण के जरिये सुपोषित किया जा सकता है। इसके लिए बच्चों के अभिभावकों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम से इन सभी बच्चों की जांच कराई जाएगी।
उन्होंने बताया इसके साथ ही हर सप्ताह बुधवार और शनिवार को आयोजित होने वाले ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस में भी बच्चों की समय-समय पर जांच कराई जाएगी। जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स की पूर्ति के लिए पोषक तत्व, जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जरूरत होने पर उपचार भी कराया जाएगा।
सुपोषण के लिए किया जाएगा इलाज
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया सैम (गंभीर अति कुपोषित) बच्चों को पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा। जनपद में इनकी संख्या 11 है। यहां सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला महिला अस्पताल में पुनर्वास केंद्र संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया सैम बच्चों को दाखिल कराने का फैसला लिया गया है। केंद्र में दवा से लेकर खाने-पीने का इंतजाम है। गौरतलब है कि बाल विकास एवं पुष्टाहार वि•ााग ने राष्ट्रीय पोषण माह के तहत चिन्हित पांच साल तक के बच्चों को सुपोषित बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।

