- परिवहन विभाग ने संभागीय परिवहन कार्यालय आरटीओ के दलालों की दुकानें बंद करने को लिया सख्त फैसला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: परिवहन विभाग ने संभागीय परिवहन कार्यालय आरटीओ के दलालों की दुकानें बंद करने के लिए सख्त फैसला लिया था। कहा गया था कि ड्राइविंग (डीएल) अब लखनऊ स्तर पर प्रिंट हुआ करेगा। प्रदेश भर के आरटीओ कार्यालय लखनऊ में डीएल बनाने की औपचारिकता तक सीमित हो जाएंगे। डीएल की छपाई केवल लखनऊ स्थित परिवहन विभाग के मुख्यालय में होगी, ऐसा कहा गया था।
लखनऊ में इसकी प्रिंटिंग भी हो रही है, लेकिन दावा किया गया था कि 10 दिन के भीतर ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन् कर्ता के घर पर पहुंचेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेरठ में पिछले दो दो माह से राजधानी लखनऊ से ड्राइविंग लाइसेंस प्रिंट होकर नहीं आ रहे हं,ै जिसमें बड़ी प्रॉब्लम खड़ी हो गई है। आवेदकों को दस दिन के भीतर उनके पते पर (डीएल) ड्राइविंग लाइसेंस पहुंचाने का दावा खोखला साबित हो रहा हैॅ।
आरटीओ आसानी से आवेदनकर्ताओं को डाइविंग मिल जाता था, लेकिन लखनऊ से प्रिंटिंग होकर आने वाला ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक के घर नहीं पहुंच रहा है, जिसमें ज्यादातर मामले ऐसे सामने आ रहे हैं तथा आरटीओ के सामने भी इसकी शिकायत पहुंच रही है। तब कहा गया था कि 10 दिन के अंदर ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक के पते पर नहीं पहुंचता है तो उस अवधि में तो फर्म पर जुर्माना लगेगा।

जुर्माना प्रतिदिन के हिसाब से वसूला जाएगा, लेकिन यह सब दावे किए जा रहे है। धरातल पर काम कुछ भी नहीं हो रहा है। पूर्व में यह था कि आवेदक ही ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लिफाफा देता था, जिस पर 22 रुपये के टिकट लगा हुआ लिफाफा देना पड़ता था। वह तो बंद हो गया, लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं मिल रहे हैं। उधर, आरआई राहुल शर्मा का कहना है कि लखनऊ स्तर से कुछ प्रॉब्लम चल रही है, जिसके चलते ड्राइविंग लाइसेंस आवेदकों के घरों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
नहीं मिल रही चिप
ड्राइविंग लाइसेस जो आवेदक को जारी किया जाता हैं, उसमें एक चिप लगी होती हैं। ये चिप सरकार को नहीं मिल रही हैं, जिसके चलते आवेदकों को दो-दो माह में भी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिल रहे हैं। इसको लेकर आरटीओ आॅफिस के अधिकारी भी परेशान हैं। क्योंकि हर रोज आरटीओ आॅफिस में बड़ी तादाद में आवेदक पहुंच रहे हैं और ड्राइविंग लाइसेंस की डिमांड कर रहे हैं। अब चिप नहीं मिलने की वजह बतायी जा रही हैं, जिससे लोगों को भारी असुविधा हो रही हैं।

