Saturday, March 14, 2026
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40 साल बाद हो रही तालाब की सफाई

  • वर्षों से तालाब की सफाई कराने के लिए प्रयत्न कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता

जनवाणी संवाददाता |

कंकरखेड़ा: दांतल जाटौली गांव के तालाब की करीब 40 वर्षों बाद सफाई हो सकेगी। इतने लंबे अंतराल के कारण इन तालाब में करीब 30 से 40 फीट दलदल बन गई थी। बरसात होने पर गांव के रास्ते पानी में डूब जाते थे और गांव टापू की तरह नजर आता था। हालात इतने बदतर हो गए थे कि हाइवे से जाटोली गांव की तरफ जाना पूरी तरह से बंद हो गया था।

दरअसल पानी रास्ते में कई फीट भरा रहता था। फिलहाल इस तालाब की सफाई के लिए जेसीबी और डंपर नगर निगम द्वारा लगाए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार पंवार चार वर्षों से आरटीआई डाल डाल कर इसकी सफाई कराने के लिए प्रयत्न कर रहे थे।

अब इन तालाबों की सफाई शुरू हो गई है। हालांकि ग्रामीणों ने तालाब की जमीन पर कब्जा कर मकान भी बना लिए हैं। नगर निगम संपत्ति अधिकारी ने तहसीलदार सरधना को लिखकर तालाब को कब्जा मुक्त कराने और उनसे 40 साल का किराया वसूलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।

दांतल-जाटौली गांव स्थित खसरा नम्बर 1543, 1546, 505, 506 व 507 पर तालाब है। जाटौली और दांतल गांव सीमा पर बने तालाब की सफाई हुए 40 साल से अधिक हो गये। इस तालाब में 30 से 40 फुट गहरी दलदल हो गई थी और पटेरा आदि बड़ा-बड़ा घास उगा था।

थोड़ी सी बरसात होने पर गांव टापू के रूप में नजर आता था। कारण कि तालाब में पानी सोखने की क्षमता खत्म हो गई थी। तालाब पूरी तरह दलदल से भरा था। आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार पंवार की शिकायत पर नगर निगम द्वारा अब तालाब की सफाई शुरू हो गई है।

जिसमें चार-पांच डंपर और जेसीबी मशीन लगी है। गौरव जाटौली ने बताया कि अब ग्रामीणों को गंदगी से निजात मिलेगी। हालांकि उन्होंने गांव के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की भी मांग की। गौरव जाटौली का कहना है कि तालाब की सफाई का कार्य चलने के कारण ग्रामीणों की नाली बंद कर दी गई है।

उन्होंने प्रशासन से वैकल्पिक नाली की व्यवस्था करने की मांग की। तालाब की सफाई होने से सभी ग्रामीणों में खुशी का माहौल है कि अब चार दशक बाद गंदगी से निजात मिलेगी। कार्य नगर निगम द्वारा तेजी के साथ चल रहा है। यहां से कीचड़ निकालकर दूर स्थान पर डाला जा रहा है।

50 से अधिक मकान मालिकों को नोटिस

तालाब की करोड़ों रुपये की भूमि पर ग्रामीणों ने अवैध रूप से कब्जा कर मकान बना लिए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार पंवार ने तालाब को कब्जा मुक्त कराने और सफाई कराने की मुहिम छेड़ी थी। अब नगर निगम ने कब्ज धारकों को चिन्हित कर नोटिस दे दिए हैं।

उधर, तहसीलदार को भी कब्जा धारकों की सूची सौंप दी है। उन्होंने भूमि को कब्जा मुक्त कराने और 40 साल का किराया वसूलने के लिए भी कहा है। नोटिस मिलने के बाद काशी ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल करीब 50 से अधिक मकान तालाब की भूमि पर बने हैं।

पांच साल से लड़ाई लड़ रहे हैं आरटीआई कार्यकर्ता

दांतल और जाटौली गांव स्थित तालाब की सफाई कराने और भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार पंवार पांच वर्षों से लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने नगर निगम, तहसील और जिला अधिकारी को शिकायती पत्र देकर तालाब की सफाई करने की मांग की थी। पांच साल की लड़ाई के बाद अब तालाब की सफाई हो सकेगी और तालाब कब्जा मुक्त होने की उम्मीद है। उन्होंने तालाब की सफाई कर सौंदर्यीकरण करने की मांग की है।

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