- चांद दिखते ही इमामबारगाहों और अजाखानों में सज गए अलम
- महिलाओं ने उतारे गहनें पहने काले लिबास
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ‘कर्बला को कर्बला के शहंशाह पर नाज है, उस नवासे पर मुहम्मद को नाज है, यूं तो लाखों सिर झुके सजदे में लेकिन, हुसैन ने वो सजदा किया जिस पर खुदा को नाज है’। इस्लामी साल के पहले महीने मोहर्रम का चांद शनिवार को नजर आ गया। चांद दिखते ही शिया मुसलमान सोग में डूब गए।
इमामबारगाहों व अजाखानों में अलम ए मुबारक सजा दिए गए। महिलाओं ने अपने गहनें उतार दिए और काले लिबास पहन लिए। बच्चों और पुरुषों ने भी काले लिबास पहने। मजलिसों का दौर शुरु हो गया जिसमें उलेमाओं ने शहीद ए करबला के उनवान से अपनी तकरीरें की।

‘इब्तेदा है हुसैन के गम की, पहली तारीख है मोहर्रम की’। आज मोहर्रम की पहली तारीख है। आज विभिन्न स्थानों पर मजलिसों का आयोजन होगा जबकि सोमवार से मातमी जुलूसों का सिलसिला शुरु हो जाएगा। जैदी फॉर्म, हुसैनाबाद, पुर्वा फैयाज अली, लोहिया नगर, अब्दुल्लापुर व धौड़ली सहित विभिन्न इलाकों को काले झंडों व बैनरों से पाट दिया गया है।
मोहर्रम में ये उलेमा करेंगे मजलिसों को खिताब
- मौलाना मुर्तजा रजा (लखनऊ) वक्फ मनसबिया घंटाघर पर मजलिस पढ़ेंगे
- मौलाना अब्बास बाकरी (हैदराबाद) छोटी करबला चौड़ा कुंआ पर मजलिस पढ़ेंगे
- मौलाना अली रिजवान (बाराबंकी) दरबार ए हुसैनी जैदी फॉर्म में मजलिस पढ़ेंगे
- मौलाना अम्मार हैदर रिजवी (लंदन) इमामबारगाह पंजतनी में मजलिस पढ़ेंगे
शहर भर की इमामबारगाहें और अजाखाने
- इमामबारगाह मनसब अली खां, घंटाघर
- बड़ी करबला, रेलवे रोड
- छोटी करबला, चौड़ा कुंआ
- इमामबारगाह जाहिदियान, सुभाष बाजार
- अजाखाना बीरुकुंआ, सुभाष बाजार
- इमामबारगाह मोहम्मद अली खां, बुढ़ाना गेट
- इमामबारगाह तकी हुसैन, पेड़ामल बाजार
- इमामबारगाह हैदर अली, साबुनग्रान बाजार
- इमामबारगाह इनायत हुसैन खां, कोटला
- अजाखाना सैयद हसन अली जैदी, जाहिदियान
- अजाखाना सैयद मंजूर हुसैन, जाहिदियान
- अजाखाना डॉ. करीम बख्श हैदरी, जाटव गेट
- अजाखाना सिब्ते काजिम, कोटला
- अजाखाना सैयद इकबाल हुसैन सफवी, हुसैनाबाद
- अजाखाना मोहर्रम अली, कोटला
- अली हैदर, वैली बाजार
- अजाखाना मुहम्मद हैदर जावेद, कोटला
- अजाखाना पीर जी कल्लू, कोटला
- अजाखाना शायक अली, कोटला
- अजाखाना सरदार हुसैन, कोटला
- अजाखाना छत्ता बुर्जियान, खैरनगर
शहर और जैदी फॉर्म के प्रसिद्ध नोहाख्वान
शहर व जैदी फॉर्म की विभिन्न मातमी अंजुमनों में कई प्रसिद्ध नोहाख्वान हैं जो अपने कलामों से शहीद ए करबला को खिराज ए अकीदत पेश करते हैं। इनमें विश्व प्रसिद्ध नोहेख्वान हुमायूं अब्बास ‘ताबिश’, गिजाल रजा, वाजिद अली ‘गप्पू’, चांद मियां, रविश, शरीफ उल हसन ‘लिल्ले’, सफदर ‘हिन्दुस्तानी’, काशिफ, दारैन जैदी, जिया जैदी, अतीकुल हसनैन, सैयद तालिब जैदी, जावेद रजा ‘बाशू’, अयाज हुसैन ‘अयाज’, शाहनवाज हुसैन, अर्शी नकवी, नजर मुहम्मद व वसीम राजा शामिल हैं।
शहर और जैदी फॉर्म की मातमी अंजुमनें
- अंजुमन ए इमामिया
- अंजुमन दस्ता ए हुसैनी
- अंजुमन तंजीम ए अब्बास
- अंजुमन फौज ए हुसैनी
- अंजुमन जुल्फिकार ए हैदरी (लोहिया नगर)
दो माह आठ दिन तक चलेगा सोग
मोहर्रम का सोग अब से पूरे दो माह और आठ दिनों तक चलेगा। मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया कि सोग के अन्तिम दिन दो बड़े अलविदाई कार्यक्रम होंगे। इनमें काफिला ए गम शास्त्री नगर में और यौम ए गम बड़ी करबला में अंजुमन दस्ता ए हुसैनी की ओर से आयोजित होगा।

