- विकास कार्यों में लापरवाही अक्षम्य, ईएसआई अस्पताल का प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मेरठ मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी।
विकास कार्यों को गुणवत्तापरक ढ़ग से व समयबद्धता के साथ पूर्ण कराये। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं रहने दी जायेगी। 50 करोड़ से अधिक की लागत की परियोजनाओं, स्मार्ट सिटी, एक्सपे्रस-वे, गन्ना मूल्य भुगतान व कोविड नियंत्रण की स्थिति सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की।
मेरठ मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा में आयुक्त मेरठ मंडल ने 50 करोड़ रुपये से अधिक की 16 परियोजनाओं, स्मार्ट सिटी, एक्सपे्रस-वे, गन्ना मूल्य भुगतान व कोविड नियंत्रण की स्थिति सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति आख्या प्रस्तुत की तथा मंडल के जिलाधिकारियों ने 10 से 50 करोड़ रुपये की परियोजनाओं व अन्य विकास कार्यों की प्रगति की आख्या प्रस्तुत कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्य निर्बाध रूप से जारी रहे तथा आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। मेरठ में ईएसआई अस्पताल के लिए विधायक मेरठ दक्षिण सोमेंद्र तोमर की मांग पर डीएम को प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा।
उन्होंने आरआरटीएस, एक्सपे्रस-वे आदि कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए कहा। स्मार्ट सिटी व अमृत योजना के कार्यों में और गंभीरता से कार्य करें व उसमें तेजी लाये। मंडल स्तर पर 15 दिन में तथा जनपद स्तर पर साप्ताहिक रूप से इन कार्यों की समीक्षा होनी चाहिए।
जितने भी बडे प्रोजेक्ट है उसमें कही भूमि की आवश्यकता है उसे स्थानीय स्तर पर वार्ता करके निपटाये। कोई भी फाइल किसी भी पटल पर तीन दिन से अधिक लंबित न रहे तथा विभाग में एक सप्ताह से अधिक न रहे यह सुनिश्चित किया जाये। ग्रामीण क्षेत्रों में जितनी में आवासीय योजनाएं चल रही है उनको पूर्ण करने के साथ-साथ उनका जियो टेगिंग भी आवश्यक रूप से किया जाये।
चीनी मिले गन्ना भुगतान समय से नहीं कर रही है तो उनके प्रबंधकों व मालिकों को बुलाकर उनसे वार्ता करे और ऐसी मिलों के विरुद्ध कार्रवाई करे। हर एक विकास स्तर पर एफपीओ के गठन की प्रकिया को तेज किया जाये। सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाये। इसके लिए सभी संबंधित विभाग तेजी से कार्य करें।
विधायकों ने रखी मांग
कैंट विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल ने पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर कैंट बोर्ड के द्वारा लगाए गए टोल को हटाने की बात की। जीआईसी को अपग्रेड करने की मांग की। सिवालखास विधायक जितेन्द्रपाल सिंह सतवई ने ग्रामीण सडकों की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। विधायक किठौर सत्यवीर त्यागी ने कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र पिछड़ा हुआ है, इसलिए जो भी विकास कार्य शासन में स्वीकृति के लिए जाये उस पर सकारात्मक रूप से निर्णय लिया।
विधायक मेरठ दक्षिण सोमेंद्र तोमर ने इनर रिंग रोड बनवाने व हवाई अड्डे के लिए नोडल अधिकारी नामित करने तथा ईएसआई अस्पताल के लिए प्रस्ताव बनवाने के लिए कहा। वहीं, राज्यसभा सांसद विजयपाल सिंह तोमर ने मास्क न लगाने वालों पर कार्रवाई करने के लिए कहा तथा राजस्व ग्रामों में कार्यों की ठीक प्रकार से निगरानी कराने की मांग की। जिस पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
कमिश्नर ने सीएम को स्मार्ट सिटी की योजना बताई

कमिश्नर अनीता सी मेश्राम ने समीक्षा बैठक में बताया कि स्मार्ट सिटी योजनान्तर्गत मंडल के मेरठ को राज्य स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाना है। मेरठ में स्मार्ट स्कूल, स्मार्ट तालाब, मल्टीलेवल पार्किंग, टाउन हॉल लाइबे्ररी का सौंदर्यीकरण, नौचंदी गाउंड को हाल्ट के रूप में विकसित करना, मुख्य चौराहों पर इंटीगे्र्रटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट स्थापित करना, स्मार्ट रोड, बच्चा पार्क चौराहा से तहसील सदर तक ओवर ब्रिज का निर्माण, स्मार्ट स्टेडियम सहित अन्य कार्यों के लिए 291़19 करोड का प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित कर दिया गया है।
जिसके सापेक्ष धनराशि अभी आवंटित नहीं हुयी है। डीएम के. बालाजी ने बताया कि जनपद मेरठ में हस्तिनापुर में तहसील मवाना को तहसील चांदपुर बिजनौर से जोडने के लिए भीकुंड के नजदीक चेतावाला घाट पर गंगा नदी पर सेतु की एप्रोच रोड का निर्माण 86़72 करोड़ से कराया जा रहा है जोकि आगामी 31 मार्च 2021 तक पूर्ण होगा। बरसात के बाद इस पर कार्य प्रारंभ होगा। साथ ही रिवाइज एस्टीमेट की स्वीकृति भी शासन से अपेक्षित है।
उन्होंने बताया कि हस्तिनापुर में तहसील मवाना को जनपद बिजनौर की तहसील चांदपुर से जोड़ने के लिए भीकुंड के नजदीक चेतावाला घाट पर गंगा नदी पर सेतु का निर्माण 3278 करोड़ से कराया गया है। ये कार्य 31 जनवरी 2020 को पूर्ण हो गया है। उन्होंने बताया कि जनपद के मोदीपुरम में 220 केवी उपकेन्द्र व संबंधित लाइनों का निर्माण 18562 करोड़ से कराया जा रहा है।

